प्रधानमंत्री मोदी का देश के नाम संबोधन, 10 पॉइंट्स में समझें पूरी बात

प्रधानमंत्री मोदी का देश के नाम संबोधन, 10 पॉइंट्स में समझें पूरी बात
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संशोधन विधेयक गिरने के बाद शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बिल का विरोध करने के लिए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और तृणमूल समेत विपक्षी पार्टियों पर हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपनी संकीर्ण और स्वार्थ की राजनीति के चलते देश की आधी आबादी का हक छीन लिया। उन्होंने कहा कि ये परिवारवादी पार्टियां नहीं चाहतीं कि उनके परिवार से बाहर की कोई महिला राजनीति में आगे बढ़े।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संशोधन विधेयक गिरने के बाद शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बिल का विरोध करने के लिए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और तृणमूल समेत विपक्षी पार्टियों पर हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपनी संकीर्ण और स्वार्थ की राजनीति के चलते देश की आधी आबादी का हक छीन लिया। उन्होंने कहा कि ये परिवारवादी पार्टियां नहीं चाहतीं कि उनके परिवार से बाहर की कोई महिला राजनीति में आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री मोदी के देश के नाम संबोधन में 10 ऐसी बड़ी बातें निकलकर आईं, जिसमें उन्होंने महिला शक्ति वंदन अधिनियम के पास होने पर देश के सभी राज्यों को होने वाले फायदे से लेकर बिल के गिरने से होने वाले नुकसान की बात समझाई। साथ ही उन्होंने इस बिल का विरोध करने के पीछे विपक्षी दलों की मानसिकता को भी उजागर किया।

1. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भले ही बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 प्रतिशत वोट हमें नहीं मिला हो, लेकिन मैं जानता हूं देश की 100 प्रतिशत नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है।

2. महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थपकी नहीं थी। वह नारी के स्वाभिमान पर, उसके आत्मसम्मान पर चोट थी, और नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती है।

3. नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। नारी शक्ति वंदन संशोधन उत्तर दक्षिण...पूरब पश्चिम सभी राज्यों को भी समान वृद्धि का प्रयास था।

4. इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूणहत्या कर दी।

5. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है इन परिवारवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा।

6. सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है कि न किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा न किसी का प्रतिनिधित्व कम होगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी।

7. महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है कि वह एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है। लटकाना-भटकाना-अटकाना यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है।

8. ये विषय नाकामी या क्रेडिट का नहीं था। मैंने संसद में भी कहा था आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिए, मैं इसका क्रेडिट विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के लोगों को दे दूंगा।

9. मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं कि हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करेंगे।

10. संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, उनसे मैं दो टूक कहूंगा कि ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं।

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Created On :   18 April 2026 9:57 PM IST

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