बड़ा कदम: धान भंडारण के लिए अब निजी गोदाम किराए पर लेगी सरकार, विदर्भ में तुरंत लागू होगा फैसला

धान भंडारण के लिए अब निजी गोदाम किराए पर लेगी सरकार, विदर्भ में तुरंत लागू होगा फैसला
  • धान खरीद के बाद भंडारण की बढ़ती समस्या
  • सरकार ने बड़ा फैसला लिया
  • चावल को रखने के लिए अब निजी गोदाम किराए पर लिए जाएंगे

Mumbai News. राज्य में धान खरीद के बाद भंडारण की बढ़ती समस्या को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। विपणन सत्र 2025–2026 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना में खरीदे गए धान की मिलिंग के बाद तैयार होने वाले ‘सीएमआर’ (कस्टम मिल राइस) चावल को रखने के लिए अब निजी गोदाम किराए पर लिए जाएंगे। खासकर पूर्व विदर्भ में भारी मात्रा में धान खरीद और सरकारी गोदामों की कम क्षमता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गडचिरोली जिलों में इस फैसले को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे किसानों से खरीदे गए धान के भंडारण में होने वाली देरी और नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी।

इस बीच, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने निजी गोदामों के लिए कड़े नियम तय किए हैं। गोदाम में पीने का पानी, बिजली, शौचालय और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य होंगे। पूरे परिसर में सीसीटीवी निगरानी जरूरी होगी और हर 15 दिन में उसका फुटेज जिला आपूर्ति कार्यालय को देना होगा। इसके अलावा कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की सुविधा भी गोदाम मालिक को ही उपलब्ध करानी होगी। चावल रखने से पहले गुणवत्ता की जांच की जाएगी और गोदाम की चयन प्रक्रिया व निगरानी की जिम्मेदारी जिला आपूर्ति अधिकारियों पर होगी। भाड़े के संबंध में भी सरकार ने स्पष्ट नीति बनाई है। धान की मिलिंग चलने तक केंद्र सरकार द्वारा तय दर के अनुसार पूरा किराया दिया जाएगा। लेकिन 31 जुलाई 2026 के बाद या समय बढ़ने पर गोदाम में जितना स्टॉक बचा होगा, उसी के आधार पर किराया तय किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने एक विशेष फॉर्मूला बनाया है, जिसमें अस्थायी दर के अनुसार प्रति क्विंटल प्रति माह 97.20 रुपये तय किए गए हैं। इस फैसले से भंडारण की समस्या कम होने और धान प्रबंधन बेहतर होने की उम्मीद है।

Created On :   18 April 2026 10:07 PM IST

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