संशोधनों पर मतदान: राऊत ने कहा - मोदी सरकार का टूटेगा भ्रम, उद्धव ठाकरे को विपक्षी दलों में समन्वय का जिम्मा

राऊत ने कहा - मोदी सरकार का टूटेगा भ्रम, उद्धव ठाकरे को विपक्षी दलों में समन्वय का जिम्मा
  • विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक में ठाकरे को जिम्मेदारी
  • विपक्षी सांसद अपने-अपने राज्यों में चुनाव के कारण परिसीमन विधेयक पर मतदान के दौरान संसद नहीं आएंगे

Mumbai News. संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में पेश संशोधनों पर मतदान के दौरान विपक्षी गठबंधन के घटक दलों के सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का जिम्मा शिवसेना (उद्धव) प्रमुख उद्धव ठाकरे को सौंपा गया है। विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक में ठाकरे को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह खासकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से बात कर ये सुनिश्चित करें कि संसद में पेश विधेयकों पर मतदान के दौरान उनकी पार्टी के सांसद सदन में मौजूद रहे। शिवसेना (उद्धव) के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार को यह भ्रम है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विपक्षी सांसद अपने-अपने राज्यों में चुनाव के कारण परिसीमन विधेयक पर मतदान के दौरान संसद नहीं आएंगे। उन्होंने बताया कि प्रमुख विपक्षी नेताओं की बैठक में उद्धव ठाकरे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए थे। बैठक में ठाकरे को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ठाकरे और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच घनिष्ठ संबंध हैं। इसलिए यह तय किया गया कि ठाकरे, बनर्जी से बात करेंगे ताकि उनकी पार्टी के सांसद संसद में उपस्थित रहें और विधेयक के खिलाफ मतदान करें।

राऊत ने कहा कि सरकार के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, इसलिए निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का विधेयक पारित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह “नारी शक्ति” विधेयक नहीं बल्कि भाजपा का विधेयक है और विपक्ष इसे संसद में पारित नहीं होने देगा। शिवसेना (उद्धव) के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि यह केंद्र की एक चाल है कि जब बंगाल और तमिलनाडु चुनाव हो रहे हों, तब यह विधेयक लाया जाए ताकि तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक के सांसद संसद सत्र में शामिल न हो सकें। लेकिन यह सरकार का भ्रम है। तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक के सभी सांसद संसद में मौजूद रहेंगे। इसके लिए शिवसेना (उद्धव) ने इस दिशा में प्रयास शुरु कर दिया है। विपक्ष विधेयक को पारित नहीं होने देगा।

Created On :   16 April 2026 9:58 PM IST

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