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Mumbai News: राज्य में एसआईआर के लिए 60 प्रतिशत मतदाताओं की हुई मैपिंग, मई महीने से एसआईआर शुरू होने के आसार

Mumbai News. महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मई महीने से शुरू होने के आसार हैं। महाराष्ट्र में आखिरी बार साल 2002 में एसआईआर हुआ था। इसके बाद अब लगभग 23 साल बाद एसआईआर होगा। हालांकि केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की तारीखों की घोषणा नहीं की है। लेकिन महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने एसआईआर के पहले चरण में मैपिंग का काम शुरू कर दिया है। इसके तहत प्रदेश में 60 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग पूरा हो चुका है। प्रदेश में लगभग 9 करोड़ 93 लाख मतदाता हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अफसर ने ‘दैनिक भास्कर' से बातचीत में यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि अगले एक महीने में मैपिंग का काम 90 प्रतिशत प्रतिशत तक पूरा करने का लक्ष्य है। अधिकारी ने कहा कि मैपिंग होने से मतदाताओं को एसआईआर मूल फार्म भरने में आसानी होगी।
क्या है मैपिंग
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत राज्य में नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी। प्रदेश में आखिरी बार एसआईआर साल 2002 में हुआ था। इसलिए बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं के नाम का मिलान साल 2002 की मतदाता सूची से कर रहे हैं। इसके तहत जिन मतदाताओं का नाम 2002 की मतदाता सूची में हैं, ऐसे मतदाताओं के नाम का मिलान करके मैपिंग की जा रही है। जिन मतदाताओं का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है, उन मतदाताओं को अपने माता-पिता अथवा दादा-दादी, नाना-नानी का नाम बताना होगा, जिनका नाम साल 2002 की मतदाता सूची में होगा। ऐसे मतदाताओं के मैपिंग के लिए बीएलओ घर-घर जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को जन्म प्रमाणपत्र के अलावा माता-पिता का चिन्हित दस्तावेज में से एक कोई दस्तावेज जमा करना होगा। अफसर ने बताया कि वोटर मतदाता सेवा पोर्टल पर जाकर अपने बीएलओ के नाम का पता कर सकेंगे।
मुंबई में बीएलओ की कमी होगी पूरी
अफसर ने बताया कि चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची से जुड़े काम और एसआईआर के कामों के लिए बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) नियुक्त किए जाते हैं। प्रदेश में मुंबई को छोड़कर प्रदेश के बाकी जिलों के प्रत्येक बूथ पर बीएलओ नियुक्त कर दिए गए हैं। जबकि मुंबई में कुछ बूथों पर बीएलओ नहीं हैं। इसलिए मुंबई मनपा प्रशासन को बीएलओ नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मानखुर्द-शिवाजीनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की ओर से मैपिंग के लिए बीएलओ के काम नहीं करने की शिकायतें मिली हैं। इस पर अफसर ने कहा कि सभी बीएलओ को सरकारी ड्यूटी करना अनिवार्य है। यदि कोई बीएलओ ड्यूटी नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
दलों को करना होगा बीएलए नियुक्त
अफसर ने बताया कि राज्य में राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) की जरिए एसआईआर के काम पर निगरानी रख सकती हैं। इसलिए सभी राजनीतिक पार्टियों को बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति पूरा करने के लिए एक पत्र भेजा गया है। राज्य में 1 लाख 6 हजार से अधिक बूथ हैं। पार्टियां इन सभी बूथों पर बीएलए नियुक्त कर सकती हैं।
मानखुर्द- शिवाजी नगर में 120 बूथ पर बीएलओ नहीं- आजमी
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने कहा कि मानखुर्द- शिवाजीनगर क्षेत्र में 300 बीएलओ की आवश्यकता है। लेकिन केवल 180 बीएलओ उपलब्ध हैं। आजमी ने इसको लेकर मानखुर्द- शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी रामदास दगडे के साथ बैठक की। आजमी ने कहा कि अधिकांश बीएलओ शिक्षक हैं। कर्मचारियों की कमी की वजह से अब तक केवल 22 प्रतिशत मैपिंग पूरी हुई है। जिससे लोगों को चुनाव कार्यालय में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
Created On :   16 April 2026 9:01 PM IST










