प्रशांत भूषण पर एफआईआर के बाद किरेन रिजिजू का हमला, बताया- भारत की छवि और संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा

प्रशांत भूषण पर एफआईआर के बाद किरेन रिजिजू का हमला, बताया- भारत की छवि और संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक तीखा बयान पोस्ट किया।

नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक तीखा बयान पोस्ट किया।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "पहले भी इस प्रशांत भूषण ने एक फर्जी खबर फैलाई थी कि जज और मंत्री लंदन बैडमिंटन खेलने गए हैं। और उन्होंने इसके लिए माफी भी नहीं मांगी थी। यह भारत की छवि और भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने की साजिश का हिस्सा है।"

बता दें कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का डिजिटल रूप से फर्जी वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।

दिल्ली पुलिस ने 'एक्स' पोस्ट के जरिए बताया है कि 3 नवंबर को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान यह बात सामने आई कि एक सोशल मीडिया हैंडल ने दावा किया था कि प्रशांत भूषण के हैंडल से रूस के विदेश मंत्री का भारत विरोधी फर्जी वीडियो शेयर किया गया है। आरोप है कि इस वीडियो के जरिए भ्रामक, मानहानिकारक और भड़काऊ सामग्री फैलाकर सार्वजनिक उपद्रव और अफवाहें फैलाई गईं। इसे लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है।

आरोप है कि भूषण ने भारतीय विदेश नीति पर आलोचनात्मक टिप्पणी के साथ यह बदलाव किया गया क्लिप शेयर किया था। इस फर्जी वीडियो में गलत तरीके से दिखाया गया था कि लावरोव भारत की स्थिति और नीतियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने अटलांटा में द्विपक्षीय बैठक के बाद इस वीडियो को पहले ही खारिज कर दिया था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि वीडियो में दिखाया गया दावा झूठा है।

इस पूरे मामले पर अब राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है। एक तरफ पुलिस जांच कर रही है कि फर्जी वीडियो कहां से आया और उसे किस मकसद से शेयर किया गया, वहीं दूसरी तरफ सरकार की ओर से इसे देश की छवि और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ साजिश बताया जा रहा है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :  

Tags

Next Story