पंजाब में सरकार गुंडों को दे रही संरक्षण, आचार संहिता लागू हो सुनील जाखड़

पंजाब में सरकार गुंडों को दे रही संरक्षण, आचार संहिता लागू हो  सुनील जाखड़
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने अरोड़ा मैराथन चैरिटेबल ट्रस्ट की मैराथन को अनुमति न देने पर भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों से 'नशों से दूर, खेलों की ओर' स्लोगन के साथ हो रही इस मैराथन को सरकार ने कानून-व्यवस्था बिगड़ी हुई होने का हवाला देकर रोका, जो पंजाब के माथे पर कलंक है।

चंडीगढ़, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने अरोड़ा मैराथन चैरिटेबल ट्रस्ट की मैराथन को अनुमति न देने पर भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों से 'नशों से दूर, खेलों की ओर' स्लोगन के साथ हो रही इस मैराथन को सरकार ने कानून-व्यवस्था बिगड़ी हुई होने का हवाला देकर रोका, जो पंजाब के माथे पर कलंक है।

जाखड़ ने आरोप लगाया कि अमृतसर से मानसा तक नशे के कारण लाशें बिछी हैं, पुलिस शव तक छीन रही है और इसके लिए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की नीतियां जिम्मेदार हैं। 2018 से अब तक अरोड़ा मैराथन चैरिटेबल ट्रस्ट यह मैराथन करवा रहा है। पहले दिन से इस मैराथन का स्लोगन रहा है, 'नशों से दूर, खेलों की ओर'। इन आठ वर्षों के दौरान केवल कोरोना काल में यह आयोजन नहीं करवाया गया। बाकी यह सातवीं मैराथन होनी थी, जिसके लिए पंजाब सरकार ने यह कहकर अनुमति नहीं दी कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है और यहां मैराथन नहीं करवाई जा सकती।

उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि यह पंजाब के माथे पर कलंक है कि पंजाब में नशे के खिलाफ एक खेल आयोजन भी नहीं करवाया जा सकता। इससे बुरी बात और क्या हो सकती है? सरकार ने स्वयं अपनी कमजोरी और नालायकी स्वीकार की है, जिसके कारण पंजाब में ऐसे हालात बने हैं। हमारे पावन शहर अमृतसर साहिब से लेकर खेमकरण, तरनतारन, गुरदासपुर, हरगोबिंदपुर, मानसा, लुधियाना और अन्य कई स्थानों पर नशे से प्रभावित लोगों की लाशें बिछी पड़ी हैं। जिन लोगों की मौत नशे के कारण हुई है या जिन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया द्वारा संरक्षण प्राप्त गैंगस्टरों और ड्रग माफिया के लोगों ने निशाना बनाया। जिन्होंने सरकार के खिलाफ नशे के मुद्दे पर आवाज उठाई, उन्हें पुलिस प्रताड़ना के कारण आत्महत्या तक करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

उन्होंने कहा कि आज हालात यह हैं कि लाशें बिछी पड़ी हैं और पंजाब पुलिस मृतकों के शव भी जबरन छीनकर ले जा रही है। मैं कह रहा था कि कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी घुसपैठियों के शव भी हमने पूरे सम्मान के साथ पाकिस्तान को सौंपे थे, ताकि उनका अंतिम संस्कार उनके रीति-रिवाजों के अनुसार हो सके, लेकिन पंजाब, जो अपने बड़े दिल और मानवता के लिए जाना जाता है, वहां आज ऐसे हालात हैं कि जिन लोगों की मौत हुई है, उनकी लाशें भी पंजाब पुलिस जबरन ले जा रही है। गुंडों को संरक्षण देने और पंजाब की बिगड़ती स्थिति के लिए मैं सीधे तौर पर मनीष सिसोदिया की नीतियों और स्वयं उन्हें जिम्मेदार मानता हूं। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा था कि चुनाव जीतने के लिए आम आदमी पार्टी साम, दाम, दंड, भेद, लड़ाई-झगड़ा, झूठ-सच सब कुछ करेगी। उसी नीति के तहत इन्होंने गुंडों को संरक्षण दिया।

जाखड़ ने आरोप लगाया कि उम्रकैद की सजा काट रहे अपराधियों को पैरोल दिलवाई गई है। बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को रिश्वत लेकर विदेश भगाया गया। उस मामले की आंच मुख्यमंत्री भगवंत मान तक पहुंच रही है। इन सभी मुद्दों को लेकर मैं राज्यपाल महोदय को पत्र लिख रहा हूं कि पंजाब में जल्द से जल्द आचार संहिता लागू की जाए। पंजाब का हर गुजरता दिन राज्य पर भारी पड़ रहा है। अभी प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले मुझे फाजिल्का जिले के जलालाबाद से सूचना मिली कि 16 वर्ष के एक बच्चे की नशे के कारण मृत्यु हो गई। त्रासदी यह है कि उसके पिता की भी कुछ समय पहले नशे के कारण मृत्यु हुई थी। नशे ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।

उन्होंने कहा कि एक ओर भगवंत मान कहते हैं कि पंजाब में नशा कोई समस्या नहीं है, और दूसरी ओर सरकार स्वयं कह रही है कि कानून-व्यवस्था इतनी खराब है कि एक खेल आयोजन भी नहीं हो सकता। जाखड़ ने कहा कि मैं कानूनी विकल्प भी देख रहा हूं। यदि आवश्यकता पड़ी तो उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय जाऊंगा। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बयानों और उनकी कथित नीतियों के आधार पर मांग करूंगा कि उन्हें पंजाब में ऐसी गतिविधियों से रोका जाए, जो राज्य में तनाव पैदा करें। यदि इस सरकार के अधीन मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी जैसे अधिकारी राजनीतिक मंचों पर जाकर सरकार के पक्ष में भाषण देते हैं, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सरदार पटेल ने प्रशासनिक सेवाओं को भारत का 'स्टील फ्रेम' कहा था, लेकिन आज उनकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक एंटी-ड्रोन सिस्टम में तैनात सिपाही स्वयं पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकार कर रहा है। 24 ड्रोन ड्रॉप्स के जरिए हेरोइन और हथियार मंगवाने की बात सामने आई है, लेकिन उस पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं हो रही। मेरा आरोप है कि इसके तार सत्ता से जुड़े लोगों तक पहुंचते हैं। मेरी चुनाव आयोग से भी यही अपील होगी कि पंजाब की जनता और युवाओं को इस स्थिति से बचाया जाए। लोकतंत्र को बचाना जरूरी है। अराजकता का दूसरा नाम आज आम आदमी पार्टी की सरकार बन चुकी है। यदि आचार संहिता लागू करने में देर होगी, तो पंजाब की युवा पीढ़ी को इसकी और अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।

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