'राज्य चलाने और फिल्मों में अभिनय करने में फर्क', पलानीस्वामी का सीएम विजय पर तंज

राज्य चलाने और फिल्मों में अभिनय करने में फर्क, पलानीस्वामी का सीएम विजय पर तंज
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने टीवीके सरकार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछली डीएमके सरकार की तरह इस सरकार ने भी अनमोल मानव जीवन की कीमत लगाई है।

चेन्नई, 18 जुलाई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने टीवीके सरकार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछली डीएमके सरकार की तरह इस सरकार ने भी अनमोल मानव जीवन की कीमत लगाई है।

उन्होंने कहा कि जनता ने डीएमके के पांच साल के शासन के अंत को 'प्रशासनिक रूप से अक्षम सरकार' का अंत मान लिया था, लेकिन उनका दावा है कि वर्तमान टीवीके सरकार ने उन्हीं प्रथाओं को जारी रखा है, जिससे जनता में निराशा है।

पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि डीएमके शासनकाल के दौरान कई हिरासत में मौतें और मुठभेड़ हत्याएं हुईं, जिनमें मंदिर के सुरक्षा गार्ड अजीत कुमार, विग्नेश और आर्मस्ट्रांग हत्याकांड से कथित तौर पर जुड़े अन्य लोगों की हत्याएं शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक तौर पर आरोप हैं कि ये कार्रवाइयां बड़े आपराधिक मामलों में शामिल प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए की गई थीं।

उन्होंने आगे कहा कि टीवीके के सत्ता में आने के बाद लोगों को बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार के तहत भी 'तानाशाही तौर-तरीके' जारी हैं। उनके अनुसार, लोग एक दमनकारी शासन से बच निकले, लेकिन अब दूसरे के चंगुल में फंस गए हैं।

नागरकोइल जेल में हाल ही में एक दिव्यांग कैदी की मौत का जिक्र करते हुए पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि कैदी को जेल अधिकारियों ने यातना देकर मार डाला और पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंत्रियों ने मुआवजे की पेशकश करके परिवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने कथित तौर पर सरकार द्वारा घोषित वित्तीय सहायता और राहत दोनों को अस्वीकार कर दिया।

उन्होंने चेन्नई की पुझल जेल में विचाराधीन कैदी की हिरासत में हुई एक अन्य मौत की खबरों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पीड़ित के रिश्तेदार भी इसी तरह विरोध प्रदर्शन कर न्याय की मांग कर रहे हैं।

पलानीस्वामी ने सरकार की इस कथित सोच की आलोचना की कि आर्थिक मुआवजा शोक संतप्त परिवारों को चुप करा सकता है और ऐसे रवैये को अस्वीकार्य बताया। करूर भीड़ भगदड़ त्रासदी का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि पीड़ितों के परिवार के कुछ सदस्यों को सरकारी नौकरी देना जानमाल के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री विजय की तीखी आलोचना करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य चलाना फिल्मों में अभिनय करने जैसा नहीं है, जहां अभिनेता को फिल्म की सफलता या असफलता की परवाह किए बिना भुगतान मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से शासन के साथ आने वाली जिम्मेदारी को समझने का आग्रह किया।

अपने बयान का समापन करते हुए पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं से प्रभावित होकर बदलाव के लिए मतदान करने वाले लोग निराश न हों, भले ही उनकी सभी अपेक्षाएं पूरी न हो सकें।

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Created On :   18 July 2026 5:14 PM IST

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