राम मंदिर से चंदा चोरी मामले में सीएम योगी जानबूझकर दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहेः रामजीलाल सुमन
नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर चंदे को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा, "सच अब सामने आ गया है। जब जांच में यह साबित हो गया कि चोरी हुई थी, तो इसे वैसे ही स्वीकार किया जाना चाहिए। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में ऐसी कार्रवाई की उम्मीद है। मुझे ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जानबूझकर दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। "
रामजीलाल सुमन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "मुझे नहीं लगता कि मंदिर में चढ़ावा चढ़ाना बंद किया जाना चाहिए। हमारे देश में कई धार्मिक और आस्था रखने वाले लोग हैं, जिनकी अपने धर्म में गहरी आस्था है। वह एक अलग बात है। हालांकि, ऐसे चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता होनी चाहिए। मेरा मानना है कि न केवल अयोध्या का राम मंदिर बल्कि सभी धार्मिक स्थल जहां भक्त दान और चढ़ावा देते हैं, वहां उचित ऑडिट और जांच होनी चाहिए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भक्तों द्वारा दिए गए धन का दुरुपयोग या चोरी रोकने के लिए यह जरूरी है।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंदे विवाद पर किसी को टिप्पणी न करने की बात कही है। इस पर रामजीलाल सुमन ने कहा, योगी आदित्यनाथ जिस तरह की भाषा बोल रहे हैं, वह न्यायसंगत नहीं है। मुख्यमंत्री होने के नाते योगी आदित्यनाथ का फर्ज था कि जब एसआईटी ने पुष्टि कर दी है कि चंदे में चोरी हुई है तो उनको गुमराह करने की बजाय कार्रवाई करनी चाहिए।"
अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे के बारे में पूछे जाने पर रामजी लाल सुमन ने कहा, "यह अखिलेश यादव पर निर्भर करता है कि वे कहां जाना चाहते हैं और कहां नहीं। यह पूरी तरह से उनका फैसला है और इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। जहां तक अयोध्या मामले की बात है, तो मुद्दा बस इतना है कि मंदिर में चढ़ावे में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई थी। गठित एसआईटी ने निष्कर्ष निकाला कि गड़बड़ी हुई थी। इसलिए, इसमें शामिल लोगों के साथ किसी भी अन्य आरोपी की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।"
राम मंदिर चंदे को लेकर हुए विवाद पर बसपा प्रमुख मायावती की चुप्पी पर समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा, "मायावती एक राजनीतिक पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वह अपनी पार्टी कैसे चलाती हैं और किसी खास मुद्दे पर कैसे प्रतिक्रिया देती हैं, यह पूरी तरह से उनका फैसला है। इस पर टिप्पणी करना हमारे लिए उचित नहीं होगा। किसी मुद्दे पर मायावती क्या सोचती हैं और उस पर कैसे प्रतिक्रिया देती हैं, यह तय करना उन्हीं का और उनकी पार्टी का काम है।"
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Created On :   20 Jun 2026 4:22 PM IST












