राम मंदिर चंदा विवाद ओपी राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना तो संजय सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग की

राम मंदिर चंदा विवाद ओपी राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना तो संजय सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग की
राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन मामले को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है। एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा तो वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए भाजपा और ट्रस्ट पर आरोप लगाए।

नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन मामले को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है। एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा तो वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए भाजपा और ट्रस्ट पर आरोप लगाए।

ओम प्रकाश राजभर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि ट्रस्ट की मांग पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया और जांच जारी है। एसआईटी की जांच में सबसे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बिरादर टीनू यादव का नाम सामने आया। अखिलेश यादव को यह भी बताना चाहिए कि उनके समुदाय से जुड़े व्यक्ति का नाम कथित रूप से जांच में सामने आया है। प्रदेश में होने वाली अधिकांश घटनाओं में समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों के नाम सामने आते हैं। एसआईटी अपनी जांच कर रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जिन लोगों को कथित रूप से चंदा चोरी के मामले में पकड़ा गया, उनकी पुलिस रिमांड क्यों नहीं ली गई और उनसे विस्तृत पूछताछ क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि उनसे पूछताछ होती तो कथित तौर पर धन के प्रवाह और अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकती थी। यदि ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है तो इससे पूरे मामले की जवाबदेही समाप्त नहीं हो जाती। कई वर्ष पहले भी इस मामले को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया। यदि लंबे समय तक कथित अनियमितताएं होती रहीं तो केवल कुछ लोगों के इस्तीफे से पूरे मामले की जांच पूरी नहीं मानी जा सकती। मामले की शुरुआत से लेकर अब तक हुई सभी वित्तीय गतिविधियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

आप सांसद ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपए के चंदे और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए। यदि निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यदि जांच केवल निचले स्तर तक सीमित रही, तो इससे पूरे मामले का सच सामने नहीं आ पाएगा। जांच स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कराई जाए ताकि कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   28 Jun 2026 6:52 PM IST

Tags

Next Story