2029 में फिर एक बार तय पीएम मोदी की सरकार रामदास आठवले

2029 में फिर एक बार तय पीएम मोदी की सरकार  रामदास आठवले
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने दावा किया है कि गांव-गांव की दादी-बुजुर्ग कह रही हैं कि 2029 में भी नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की दादी पूछ रही हैं कि राहुल गांधी शादी कब करेंगे?

शिरडी, 7 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने दावा किया है कि गांव-गांव की दादी-बुजुर्ग कह रही हैं कि 2029 में भी नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की दादी पूछ रही हैं कि राहुल गांधी शादी कब करेंगे?

आठवले ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि केंद्र में 2029 में भी एनडीए की सरकार बनेगी और नरेंद्र मोदी चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे। वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और अगले आठ साल तक देश की सेवा कर सकते हैं। दिल्ली में उनके मुकाबले में अभी किसी का नंबर नहीं है।

रामदास आठवले ने कहा कि मैं पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों को पसंद करता हूं, लेकिन अगर एक को चुनना हो तो मैं पीएम मोदी को ज्यादा पसंद करूंगा। वह सभी को साथ लेकर चलते हैं और विकास पर जोर देते हैं। वही हम लोगों के नेता हैं।

आठवले ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे के पास जो विधायक बचे हैं, उनमें से 14-15 विधायक भी एकनाथ शिंदे के साथ जा सकते हैं। यह ऑपरेशन टाइगर नहीं, बल्कि ऑपरेशन उद्धव ठाकरे है। उन्होंने कहा कि अभी उनके 6 बागी सांसद भी एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। इससे पहले भी कई विधायक जा चुके हैं। एक दिन ऐसा आएगा जब उद्धव ठाकरे भी आ सकते हैं। 2019 में कांग्रेस के साथ गठबंधन करना उनकी बड़ी गलती थी। उन्हें महायुति के साथ रहना चाहिए था।

रामदास आठवले ने कहा कि उद्धव ठाकरे को भाजपा के साथ रहना चाहिए था। अगर साथ रहते तो उन्हें नुकसान नहीं होता। कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने का नुकसान हुआ, एक हाथ से शिवसेना भी चली गई और अब विधायक व सांसद छोड़कर जा रहे हैं। लोगों को लग रहा है कि एकनाथ शिंदे की भूमिका सही है।

महाड चवदार टैंक सत्याग्रह का जिक्र करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के नेतृत्व में हुए महाड चवदार टैंक सत्याग्रह के 100 साल पूरे होने वाले हैं। इसी ऐतिहासिक मौके को ध्यान में रखते हुए हम यह 'सामाजिक समानता मार्च' आयोजित कर रहे हैं। इस मार्च का मकसद उन सामाजिक बदलावों पर विचार करना है जो पिछले कुछ सालों में आए हैं और समाज में एकता को और मजबूत करना है। यह मार्च पूरे महाराष्ट्र से गुजरेगा और 18 नवंबर को पुणे में समाप्त होगा।

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Created On :   7 July 2026 6:47 PM IST

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