विधानसभा: परिवहन विभाग पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, फडणवीस ने किया उच्च स्तरीय जांच का ऐलान

परिवहन विभाग पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, फडणवीस ने किया उच्च स्तरीय जांच का ऐलान
  • पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन
  • परिवहन विभाग पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
  • ईमानदार अधिकारियों को एसीबी ट्रैप में फंसाया जाता है- वडेट्टीवार

Mumbai News. विधानसभा में मंगलवार को परिवहन विभाग (आरटीओ) में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, टैक्स चोरी और वाहन पंजीकरण में अनियमितताओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सदन में आरोप लगाया कि आरटीओ में अधिकारियों और कर्मचारियों का एक संगठित रैकेट वर्षों से सक्रिय है, जो अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के जरिए सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उच्चस्तरीय जांच का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ईमानदार अधिकारियों को एसीबी ट्रैप में फंसाया जाता है- वडेट्टीवार

वडेट्टीवार ने सदन में दावा किया कि परिवहन विभाग में कार्यरत और सेवानिवृत्त अधिकारियों का एक नेटवर्क सक्रिय है, जो कथित तौर पर अवैध वसूली का काम करता है। जिसमें पूर्व आरटीओ अधिकारी बजरंग खरमाटे मुख्य साजिशकर्ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो अधिकारी इस नेटवर्क का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं, उन्हें योजनाबद्ध तरीके से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के ट्रैप मामलों में फंसाया जाता है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों के जरिए शिकायतकर्ता तैयार किए जाते हैं और फिर ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाती है। इससे संबंधित अधिकारियों को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।

परिवहन मंत्री सरनाईक ने सदन में कहा कि सरकार आरटीओ में कथित भ्रष्टाचार के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही राज्य में निवास करने के बावजूद दूसरे राज्यों में वाहन पंजीकरण कराकर कर चोरी करने वालों पर कार्रवाई के लिए नियम और कड़े किए जाएंगे। सरनाईक ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस एसआईटी की अध्यक्षता वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रियंका ननावरे करेंगी। समिति में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त और सतर्कता अधिकारी को शामिल किया गया है।

सरकार ने एसआईटी को निर्देश दिया है कि वह ऑडियो रिकॉर्डिंग, शिकायतों और लगाए गए सभी आरोपों की विस्तृत जांच कर एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे। उधर मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी सदन को आश्वस्त किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी दोषी अधिकारी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और टैक्स चोरी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Created On :   7 July 2026 7:13 PM IST

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