- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मुंबई
- /
- मैनहोल में गिरकर एक व्यक्ति की मौत...
बॉम्बे हाई कोर्ट: मैनहोल में गिरकर एक व्यक्ति की मौत को लेकर बीएमसी को लगाई फटकार, 14 जुलाई को अगली सुनवाई

- अदालत ने बीएमसी के मैनहोल पर सुरक्षात्मक ग्रिल समेत उठाए गए एहतियात कदम पर उठाए सवाल
- अदालत ने बीएमसी को शिकायत करने के व्हाट्सएप नंबर का विज्ञापन कर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का दिया निर्देश
- अदालत ने टीएमसी द्वारा मैनहोल में गिरकर मौत हुए बच्चे के परिजन को केवल 75 हजार रुपए मुआवजा देने पर जताई नाराजगी
Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट ने मैनहोल में गिरकर एक व्यक्ति की मौत को लेकर मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि बीएमसी के मैनहोल पर सुरक्षात्मक ग्रिल समेत मैनहोल को लेकर एहतियात कदम पर उठाने के दावे कर रही है, लेकिन लोगों की जान जा रही है। शहर में 73437 मैनहोल हैं, लेकिन उनमें से केवल 30 हजार 113 मैनहोल पर सुरक्षा ग्रिल लगाए गए हैं। खुले मैनहोल की बीएमसी से शिकायत करने के बड़ी संख्या में लोगों को व्हाट्सएप नंबर की जानकारी होनी चाहिए। अदालत ने बीएमसी को खुले मैनहोल और रास्तों पर गड्ढों की लोगों द्वारा शिकायत किए जाने वाले व्हाट्सएप नंबर का समाचार पत्रों विज्ञापन देने का निर्देश दिया है। 14 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई रखी गई है।
न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाता की पीठ ने मुंबई और ठाणे की सड़कों पर होने वाले गड्ढे और खुले मैनहोल लेकर वकील रूजू ठक्कर की जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई की। इस दौरान बीएमसी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अनिल साखरे ने खुले मैनहोल और रास्तों पर गड्ढे को लेकर हलफनामा दाखिल किया, तो पीठ ने कहा कि बीएमसी हर बार हलफनामा दाखिल सभी खुले मैनहोल बंद करने का दावा करती है, लेकिन खुले मैनहोल से लोगों की जान जा रही है। सभी मैनहोल पर सुरक्षात्मक ग्रिल नहीं लगाए जा सकते हैं। जो सुरक्षात्मक ग्रिल लगाए गए हैं, वे चोरी भी हो रहे हैं। बीएमसी के हलफनामे के मुताबिक शहर में 1245 मैनहोल के ग्रिल गायब हो गए थे, उसमें 1167 मैनहोल पर ग्रिल लगा दिया गया है। 18 मैनहोल पर ग्रिल नहीं लगाया जा सकता है।
पीठ ने कहा कि यदि कोई मैनहोल खुले होने की जानकारी होती है, तो बिना किसी देरी के उसके चारों ओर सुरक्षा घेरा किया जाने की चाहिए। बीएमसी को शिकायत करने वाले व्हाट्सएप नंबर की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक होनी चाहिए, जिससे वे खुले मैनहोल की शिकायत कर सकें। लोगों की शिकायत मिलते ही बीएमसी के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। पीठ ने बीएमसी को खुले मैनहोल और रास्तों पर गड्ढे की लोगों द्वारा शिकायत किए जाने वाले व्हाट्सएप नंबर का समाचार पत्रों विज्ञापन देने का निर्देश दिया है।
पीठ ने ठाणे महानगरपालिका (टीएमसी) की दो अधिकारियों की समिति द्वारा इस साल जनवरी में ठाणे में 16 महीने के बच्चे मैनहोल में गिरकर हुई मौत के लिए परिजनों को केवल 75 हजार रुपए मुआवजा देने की सिफारिश करने पर नाराजगी जताई। जबकि पिछले साल हाई कोर्ट ने अपने आदेश में खुले मैनहोल और रास्तों पर गड्ढे से होने वाली मौतों के लिए परिजनों को 6 लाख रुपए मुआवजा देने का राज्य सरकार समेत सभी महानगरपालिकाओं को आदेश दिया था। इसके लिए महानगरपालिकाओं को अपने दो अधिकारियों की समिति बनाने और मृतक के परिजनों के मुआवजा के लिए आवेदन करने पर 6 सप्ताह में उस पर निर्णय लेने का भी आदेश दिया था।
Created On :   6 July 2026 8:32 PM IST
Tags
- Mumbai News
- Thane News
- Navi Mumbai News
- Mira-Bhayandar News
- Kalyan-Dombivli News
- Vasai-Virar News
- Ulhasnagar News
- Bhiwandi News
- Panvel News
- Ambernath News
- Badlapur News
- Karjat News
- Alibaug News
- Palghar News
- Dahanu News
- South Mumbai News
- Dadar News
- Bandra News
- Andheri News
- Borivali News
- Malad News
- Goregaon News
- Kandivali News
- Kurla News
- Ghatkopar News
- Mulund News
- Chembur News
- Powai News
- Colaba News
- Byculla News
- Parel News
- Worli News
- Lower Parel News
- Santacruz News
- Vile Parle News
- Jogeshwari News
- Bhandup News
- Vikhroli






