बढ़ी चिंता: उद्धव ठाकरे ने फिर बुलाई इमरजेंसी बैठक, कांग्रेस के विधायक को 20 करोड़ का ऑफर - संजय राऊत

उद्धव ठाकरे ने फिर बुलाई इमरजेंसी बैठक, कांग्रेस के विधायक को 20 करोड़ का ऑफर - संजय राऊत
  • उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों की मंगलवार को फिर बुलाई इमरजेंसी बैठक
  • सचिन अहीर के जाने के बाद बढ़ी चिंता
  • 20 करोड़ के ऑफर को विधायक ने नकारा

Mumbai News. सांसदों और विधायकों की लगातार हो रही बगावत के बीच शिवसेना (उद्धव) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को एक बार फिर से पार्टी के सभी विधायकों की आपात बैठक बुलाई है। यह अहम बैठक शाम 7 बजे उद्धव के ‘मातोश्री’ बंगले पर खुद ठाकरे की मौजूदगी में होगी। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में विधान परिषद के उपसभापति और आदित्य ठाकरे के करीबी माने जाने वाले सचिन अहीर ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया था। इसके बाद से चर्चा तेज हो गई है कि उद्धव के और कुछ विधायक भी शिंदे गुट के संपर्क में हैं।

सचिन अहीर के जाने के बाद बढ़ी चिंता

सचिन अहिर का शिंदे गुट में जाना ठाकरे कैंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उद्धव ठाकरे को इस बात की चिंता सता रही है कि सांसदों की तरह कहीं विधायक भी पार्टी छोड़ने का फैसला न कर लें। दरअसल कुछ दिन पहले ही उद्धव गुट के 9 में से 6 सांसदों ने पार्टी से बगावत कर शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। इस घटनाक्रम ने शिवसेना (उद्धव) की राजनीतिक ताकत को कमजोर कर दिया। अब ऐसी चर्चा है कि एकनाथ शिंदे की नजर उद्धव गुट के बाकी विधायकों और नगरसेवकों पर भी है।

मातोश्री की बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को होने वाली बैठक में कई अहम और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इनमें प्रमुख रूप से सांसदों की बगावत के बाद विधायकों में बढ़ती बेचैनी, संभावित पार्टी टूट की अटकलें, विधानसभा और विधान परिषद में पार्टी की रणनीति, मानसून सत्र का आखिरी सप्ताह, विधायकों का सदन में प्रदर्शन और संगठन को मजबूत रखने की रणनीति शामिल हैं। बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे खुद सभी विधायकों से बातचीत करेंगे और पार्टी के भीतर किसी तरह की नाराजगी या असंतोष को समझने की कोशिश करेंगे।

20 करोड़ के ऑफर को विधायक ने नकारा

इस बीच शिवसेना (उद्धव) सांसद संजय राऊत ने बड़ा दावा करते हुए आरोप लगाया कि महाविकास आघाड़ी के एक विधायक को तोड़ने के लिए शिंदे गुट की तरफ से 20 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया है। राऊत ने कहा कि कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य धीरज लिंगाडे को शिंदे गुट की तरफ न सिर्फ 20 करोड़ रुपए की पेशकश की गई, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट और जीत की गारंटी तक देने का दावा किया गया। हालांकि विधायक धीरज लिंगाडे ने राऊत के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। लिंगाडे ने साफ कहा कि उन्हें किसी भी राजनीतिक दल की ओर से कोई ऑफर नहीं मिला है और उनके बारे में किया गया दावा पूरी तरह झूठा है। लिंगाडे ने कहा कि मुझे इस बारे में रविवार सुबह जानकारी मिली। राऊत आघाड़ी के वरिष्ठ नेता हैं, उनके इस बयान पर मुझे आश्चर्य हुआ। उनका दावा झूठा है।

Created On :   5 July 2026 10:19 PM IST

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