उठाया सवाल: भाई जगताप ने कहा - मुंबई के नागरिकों की अब जान की कोई कीमत नहीं रह गई है

भाई जगताप ने कहा - मुंबई के नागरिकों की अब जान की कोई कीमत नहीं रह गई है
  • पूछा- मानखुर्द में सैकड़ों अवैध इमारतों को आशीर्वाद किसका
  • सरकार 24 नहीं 48 घंटे की जारी करें चेतावनी

Mumbai News. विधान परिषद में कांग्रेस के विधायक भाई जगताप ने कहा कि मुंबई के नागरिकों की अब जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। सोमवार को जगताप ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिए मानखुर्द में झोपड़ा ढहने से 6 लोगों की हुई मौत का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मानखुर्द में सैकड़ों अवैध इमारतें किसके आशीर्वाद से बनी हैं ? इन इमारतों को किसका संरक्षण है ? इसके अलावा मुंबई की जर्जर इमारतों के लिए सरकार क्या नीति लागू कर रही है। यह सदन में स्पष्ट होना चाहिए ? जगताप ने कहा कि मुंबई में खतरनाक इमारतों को खाली करने के लिए नोटिस दी जाती है। लेकिन वहां पर रहने वालों को वैकल्पिक जगह देने की जिम्मेदारी सरकार या फिर मुंबई मनपा की है। जगताप ने कहा कि मुंबई में पेड़ काटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) है। लेकिन एसओपी का पालन किए बिना पेड़ों की कटाई की जाती है।

सरकार नाकामी को कबूल करें- पाटील

कांग्रेस के विधायक सतेज पाटील ने कहा कि मानसून में भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद राज्य सरकार ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। सरकार और मुंबई मनपा को दूसरे मुद्दों के जरिए ध्यान भटकाने के बजाय अपनी नाकामी कबूल करना चाहिए। पाटील ने कहा कि मुंबई मनपा ने 80 हजार 700 पेड़ों की छंटाई करने का फैसला लिया था। जिसमें से मुंबई मनपा ने 94 प्रतिशत पेड़ों की छंटाई कर देने का दावा किया है। केवल 4 हजार पेड़ों की छंटाई नहीं हुई है। अब क्या बिना छंटाई वाले पेड़ गिर रहे हैं क्या ? मुंबई मनपा कई घटनाओं को टाल सकती थी। पाटील ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल सड़कों पर कम गड्डे पड़े हैं। इसके लिए मुंबई मनपा पीठ थपथपाएगी तो हम कुछ नहीं कह सकते हैं।

सरकार 24 नहीं 48 घंटे की जारी करें चेतावनी

पाटील ने कहा कि रविवार शाम को घोषित किया गया कि सोमवार को मुंबई के स्कूल बंद रहेंगे। मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में प्रतिदिन 1 करोड़ 5 लाख लोग उपनगरीय लोकल, मेट्रो और बेस्ट की बसों में सफर करते हैं। इसलिए सरकार ने नागरिकों को सतर्कता की चेतावनी 24 घंटे नहीं बल्कि 48 घंटे के लिए जारी करना चाहिए। ताकि लोगों को ज्यादा असुविधा न हो। कभी-कभी मौसम विभाग के पूर्वानुमान गलत भी होता है। लेकिन लोगों की सुरक्षा और सावधानी ज्यादा जरूरी है।

Created On :   6 July 2026 9:18 PM IST

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