परिस्थितियां गंभीर: भारी बारिश के चलते विधानसभा दिनभर के लिए स्थगित, गैर-जरूरी यात्रा टालने की अपील की, मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक के प्रवेश पर भूस्खलन का मुद्दा

भारी बारिश के चलते विधानसभा दिनभर के लिए स्थगित, गैर-जरूरी यात्रा टालने की अपील की, मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक के प्रवेश पर भूस्खलन का मुद्दा
  • युवा पर्यटन स्थल जाने से बचें, एक दिन में गिरे 350 पेड़
  • मुख्यमंत्री ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा टालने की अपील की
  • अतिवृष्टि के कारण केवल 23 मिनट चल सकी विधान परिषद

Mumbai News. मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाओं और भूस्खलन की आशंका के बीच सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मौजूदा परिस्थितियों को गंभीर बताते हुए सभी विधायकों और नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में जानकारी देते हुए कहा कि मुंबई में हर साल मानसून के दौरान औसतन 800 पेड़ गिरते हैं, लेकिन केवल रविवार को ही 350 पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि आज (सोमवार) की स्थिति इससे भी अधिक गंभीर हो सकती है। फडणवीस ने कहा कि दोपहर बाद 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। उन्होंने प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों से ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने की अपील की। सरकारी कार्यालयों में भी हाफ डे का आदेश जारी किया। इसके साथ ही फडणवीस ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अत्यंत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें। विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए फडणवीस ने कहा कि मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए पर्यटन और घूमने-फिरने की योजनाएं फिलहाल स्थगित रखें।

विपक्ष स्थिति देखकर हुआ हमलावर

जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को शुरू हुई वैसे ही विपक्षी नेताओं ने मुंबई और राज्य की स्थिति पर घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य में बारिश से हुई मौतों और हादसों का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुंबई सहित महाराष्ट्र में हुई घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। वडेट्टीवार ने कहा कि पिछले दो दिनों में मुंबई में अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है। इनमें मैनहोल में गिरना, पेड़ गिरना और मानखुर्द में इमारत गिरने जैसी घटनाएं शामिल हैं। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन मानसून से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार था? उनके मुताबिक यदि समय पर जर्जर इमारतों का सर्वेक्षण, पेड़ों की छंटाई, खुले मैनहोल की सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम की सफाई और प्रभावी आपदा प्रबंधन किया गया होता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

‘मिसिंग लिंक’ परियोजना पर भी उठे सवाल

वडेट्टीवार ने मुंबई-पुणे मार्ग पर ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना के पास हुए भूस्खलन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और हाल ही में सड़क पर गड्ढों की शिकायतें सामने आई थीं। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर पहले से चिंताएं थीं और अब भूस्खलन के कारण एक्सप्रेसवे, पुराना हाईवे और रेल सेवा प्रभावित होने से हजारों लोग फंस गए। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि वह जनता के सामने स्पष्ट जानकारी रखे, राहत उपायों की जानकारी दें और सभी बारिश संबंधी घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराकर जवाबदेही तय करे।

“70 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं”

इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधानसभा में राज्य की स्थिति पर जानकारी देते हुए कहा कि सोमवार दोपहर बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। उन्होंने नागरिकों से गैर-जरूरी यात्रा टालने की अपील की और कहा कि लोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि भारी बारिश के दौरान झरनों, पहाड़ी इलाकों और पर्यटन स्थलों पर जाने से बचें। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।

एक दिन में गिरे 350 पेड़

फडणवीस ने बताया कि मुंबई में हर साल मानसून के दौरान औसतन 800 पेड़ गिरते हैं, लेकिन रविवार को अकेले एक ही दिन में 350 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और राज्यभर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कहीं कोई कमी नजर आती है तो सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी। राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

मुंबई-पुणे मार्ग पर भूस्खलन, यातायात प्रभावित

मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना के पास भूस्खलन होने के बाद तुरंत यातायात रोक दिया गया और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया गया। प्रभावित मार्ग का इस्तेमाल न करने के लिए लोगों को तुरंत सूचित किया गया।

यह आपदा प्रकृति की वजह से

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हाल की घटनाएं, जिनमें दीवार गिरने, भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं शामिल हैं, वे अत्यधिक मौसम की परिस्थितियों का परिणाम हैं, न कि प्रशासनिक लापरवाही का। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियां, महानगरपालिकाएं और अन्य विभाग पूरी तरह मैदान में मौजूद हैं और लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। फडणवीस ने यह भी कहा कि भारी बारिश जैसी परिस्थितियां ‘फोर्स मेज्योर’ यानी मानव नियंत्रण से बाहर की स्थिति होती हैं, लेकिन जनता के सहयोग से ऐसी आपदाओं का बेहतर तरीके से सामना किया जा सकता है।

फडणवीस आज विधानसभा में घटनाओं पर देंगे बयान

उन्होंने बताया कि मंगलवार को विधानसभा में बारिश से जुड़ी घटनाओं, सरकारी कार्रवाई, राहत कार्यों और भविष्य की तैयारियों पर विस्तृत बयान दिया जाएगा। सोमवार को सदन में भारी बारिश के चलते करीब 15 फीसदी विधायक ही पहुंचे।

मंत्री गिरीश महाजन रात 1 बजे तक मौके पर मौजूद रहे

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन देर रात 1 बजे तक मानखुर्द इलाके में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे थे। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल तैनात किए जाएंगे।

मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक के प्रवेश पर भूस्खलन सरकार निर्मित - अंबादास दानवे

विधान परिषद में शिवसेना (उद्धव) के विधायक अंबादास दानवे ने मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक के प्रवेश पर भूस्खलन को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दो महीने में ही मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक के प्रवेश द्वार पर भूस्खलन हो गया है। ठेकेदार कहते हैं कि उन्हें ठेके की 56 प्रतिशत राशि कमीशन में देना पड़ता है। क्या भूस्खलन उसी का परिणाम तो नहीं है ? दानवे ने कहा कि यह भूस्खलन सरकार निर्मित है। इसलिए सरकार को जांच करके जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक का ऑडिट होना चाहिए। दानवे ने कहा कि मुंबई कोस्टल रोड पर लीकेज है।

भूस्खलन स्थल पर पहुंचे मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले

मुंबई- पुणे कनेक्टिंग लिंक परियोजना के एंट्री पॉइंट के पास हुए भूस्खलन के बाद सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने घटनास्थल का दौरा किया। निरीक्षण के बाद भोसले ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण पानी के प्रवाह में अचानक परिवर्तन हुआ, जिससे बड़ी मात्रा में पत्थर और मिट्टी नीचे आ गई। इस घटना में कनेक्टिंग लिंक की सुरंग (टनल) को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, एंट्री पॉइंट क्षेत्र में शॉटक्रीट (सुरक्षात्मक) स्लैब तथा रिटेनिंग वॉल (संरक्षण दीवार) का कुछ हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया है।

अतिवृष्टि के कारण केवल 23 मिनट चल सकी विधान परिषद

अतिवृष्टि के कारण विधान परिषद का कामकाज केवल 23 मिनट 24 सेकंड ही चल सका। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष के विधायकों ने बारिश के कारण पैदा हुई स्थिति को लेकर राज्य सरकार और मुंबई मनपा पर सवाल उठाए। जिस पर प्रदेश के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीष महाजन ने वास्तविक स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बारे में मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सदन में बयान देंगे। इसके बाद सदन के सभापति राम शिंदे ने कहा कि मौसम विभाग के अनुमान और वर्तमान परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित की जाती है।

Created On :   6 July 2026 9:51 PM IST

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