राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 की घोषणा, इस बार 42 पंचायतों को किया जाएगा सम्मानित
नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। पंचायती राज मंत्रालय ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के विजेताओं की घोषणा कर दी है, जिसमें पूरे देश से कुल 42 पंचायतों का चयन किया गया है। राष्ट्रीय पंचायत सम्मान में कर्नाटक ने 6, आंध्र प्रदेश और ओडिशा ने 5-5 पुरस्कार हासिल किए। पुरस्कार वितरण समारोह 3 जून को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
ये पुरस्कार दो अलग-अलग श्रेणियों के तहत दिए जाते हैं। दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार उन उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों को मान्यता देता है, जिन्होंने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के 9 विषयों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इनमें गरीबी मुक्त और उन्नत आजीविका, स्वस्थ पंचायत, बाल-हितैषी पंचायत, जल-पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ और हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, सामाजिक रूप से न्यायसंगत और सुरक्षित पंचायत, सुशासन वाली पंचायत और महिला-हितैषी पंचायत विषय हैं। प्रत्येक विषय के तहत, रैंक 1, रैंक 2 और रैंक 3 के लिए पुरस्कार दिए जाते हैं।
इस बार 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 34 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जिसमें संयुक्त विजेता भी शामिल हैं। इन विषय आधारित पुरस्कारों को पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के अंकों से जोड़ा गया है। नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर समग्र रूप से सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को दिया जाता है।
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के तहत, 8 पंचायतों को विजेता के रूप में चुना गया है, जिसमें 'सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत' श्रेणी में 3, 'सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत' श्रेणी में 2 और 'सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत' श्रेणी में 3 पंचायतें शामिल हैं।
विजेता पंचायतों को वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में 50 लाख से लेकर 5 करोड़ रुपए तक दिए जाते हैं, जो कि टियर और कैटेगरी पर निर्भर करता है। ये पुरस्कार 'पंचायतों को प्रोत्साहन' योजना के तहत दिए जाते हैं, जो 'राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान' की केंद्र प्रायोजित योजना का एक मुख्य हिस्सा है। अप्रैल 2025 में 'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2025' के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचायतों, संस्थानों को विशेष कैटेगरी के तहत 'राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2025' से सम्मानित किया था।
ये विशेष कैटेगरी हैं- जलवायु कार्रवाई विशेष पंचायत पुरस्कार, आत्मनिर्भर पंचायत विशेष पुरस्कार और पंचायत क्षमता निर्माण सर्वोत्तम संस्थान पुरस्कार।
सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को पहचान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए पंचायती राज मंत्रालय हर साल 'राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार' प्रदान करता है।
ये पुरस्कार ग्रामीण भारत में समावेशी, सहभागी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देते हैं। संशोधित 'राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान' के 'पंचायतों को प्रोत्साहन' घटक के तहत संस्थागत रूप से स्थापित, ये पुरस्कार पंचायतों को स्थानीय शासन, सेवा वितरण और समुदाय-आधारित पहलों के माध्यम से 'टिकाऊ विकास लक्ष्यों' की दिशा में प्रगति करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
वर्ष 2023 में पुरस्कारों के ढांचे को नया रूप दिया गया और इसे 'टिकाऊ विकास लक्ष्यों' के स्थानीयकरण' के नौ विषयों के साथ जोड़ा गया। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक समग्र, पारदर्शी और डाटा आधारित हो गई है, जिससे 'विकसित भारत-2047' की दिशा में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यों में बदलने में पंचायतों की भूमिका और भी मजबूत हुई है।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   9 May 2026 10:17 PM IST












