सात समंदर पार 'धुरंधर' का डंका, एनबीए मैच में गूंजा फेमस टाइटल ट्रैक

सात समंदर पार धुरंधर का डंका, एनबीए मैच में गूंजा फेमस टाइटल ट्रैक
आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' को ज्यादातर लोगों ने सिनेमाघरों में जाकर देख ही ली है, और जिन्होंने नहीं देखी, उन्होंने इसका फेमस टाइटल ट्रैक 'ना दिल दे परदेसी नू' तो जरूर सुना होगा। फिल्म की वैश्विक लोकप्रियता से तो ज्यादातर लोग वाकिफ थे, लेकिन अब इस गाने ने वैश्विक स्तर पर नई लोकप्रियता हासिल कर ली है।

मुंबई, 24 मार्च (आईएएनएस)। आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' को ज्यादातर लोगों ने सिनेमाघरों में जाकर देख ही ली है, और जिन्होंने नहीं देखी, उन्होंने इसका फेमस टाइटल ट्रैक 'ना दिल दे परदेसी नू' तो जरूर सुना होगा। फिल्म की वैश्विक लोकप्रियता से तो ज्यादातर लोग वाकिफ थे, लेकिन अब इस गाने ने वैश्विक स्तर पर नई लोकप्रियता हासिल कर ली है।

दरअसल, हाल ही में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में एनबीए मैच के दौरान फिल्म का टाइटल ट्रैक 'ना दिल दे परदेसी नू' बजाया गया। मैच शुरू होने से ठीक पहले मशहूर डांस ग्रुप 'भांगड़ा एम्पायर' ने इसी गाने पर शानदार परफॉर्मेंस दी।

डांसर्स ने पारंपरिक पंजाबी कपड़े पहने हुए थे। वे रंग-बिरंगे कपड़ों में जोश के साथ भांगड़ा कर रहे थे। उनके मजेदार डांस और धुरंधर के धमाकेदार बीट्स से पूरा स्टेडियम गूंजा उठा। यह मैच गोल्डन स्टेट वॉरियर्स और मिलवॉकी बक्स के बीच खेला जा रहा था।

'भांगड़ा एम्पायर' का डांस वीडियो काफी वायरल हो गया। कई लोग इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। इसी कड़ी में अभिनेता अर्जुन रामपाल, जिन्होंने फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ने भी वीडियो को अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर पोस्ट किया।

फिल्म का टाइटल ट्रैक 'ना दिल दे परदेसी नू' 1995 के प्रसिद्ध पंजाबी लोकगीत 'जोगी' का रीमेक है। इस मूल गाने को चरणजीत आहूजा ने संगीतबद्ध किया था, जिसे मोहम्मद सादिक और रंजीत कौर ने गाया था और बाबू सिंह मान ने लिखा था। इस नए संस्करण को शाश्वत सचदेव ने कंपोज किया है और हनुमानकाइंड और जैस्मीन सैंडलस ने गाया है।

2000 के शुरुआती सालों में रिलीज हुआ गाना 'जोगी' पंजाबी लोक संगीत को हिप हॉप बीट्स और ग्लोबल रिदम के साथ जोड़ता है। उस समय यह एकदम नया और ताजा लगता था, जब फ्यूजन म्यूजिक इतना आम नहीं हुआ था।

इस गाने ने उस समय सिर्फ ट्रेंड सेट नहीं किया था बल्कि, कई देशों में पहुंचकर कलाकारों को प्रेरित भी किया था। इसने दिखा दिया कि भारतीय संगीत अपनी जड़ों को बनाए रखते हुए भी पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो सकता है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   24 March 2026 5:53 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story