सरदार पटेल ने निजी काम के लिए सरकारी गाड़ी इस्तेमाल करने से किया था इनकार, रिश्तेदार ने सुनाया किस्सा

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल के रिश्तेदार भूपेंद्र मनुभाई पटेल ने उनसे जुड़ा एक ऐसा प्रसंग साझा किया है, जो सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर उनके सिद्धांतों को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल ने निजी काम के लिए सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया था। उनका स्पष्ट मानना था कि सरकारी वाहन का इस्तेमाल केवल सरकारी काम के लिए ही होना चाहिए और जनता के पैसे को निजी कार्यों पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए।
भूपेंद्र मनुभाई पटेल ने 'मोदी स्टोरी' पर जारी एक वीडियो में यह किस्सा साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा अपना अनुभव भी बताया। उन्होंने कहा कि जब नरेंद्र मोदी का एक कार्यक्रम था, उस दौरान उन्होंने उनके परिवार से मुलाकात की थी। परिवार को उम्मीद भी नहीं थी कि प्रधानमंत्री उन्हें याद करेंगे और मिलने के लिए बुलाएंगे। उन्होंने कहा, "सच पूछिए तो हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि नरेंद्र भाई हमको याद करेंगे। लेकिन उन्होंने हम सबको बुलाया। छोटी-छोटी बातों का भी नरेंद्र भाई ने ख्याल रखा।"
भूपेंद्र मनुभाई पटेल ने सरदार वल्लभभाई पटेल को दिए गए सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें अब तक इतना बड़ा सम्मान किसी ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के कार्यों और उनकी दूरदृष्टि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी प्रभावित हैं। उनके मुताबिक, सरदार पटेल में जिस तरह की दूरदृष्टि थी, वैसी ही दूरदृष्टि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में भी दिखाई देती है।
इस दौरान उन्होंने बारडोली सत्याग्रह से जुड़े सरदार पटेल के एक पुराने प्रसंग का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बारडोली सत्याग्रह के दौरान एक व्यक्ति सरदार पटेल के करीबी रहे थे। एक बार सरदार पटेल दिल्ली में अपनी सरकारी गाड़ी से कहीं जा रहे थे। तभी रास्ते में उनकी नजर उस व्यक्ति पर पड़ी। उन्होंने तत्काल ड्राइवर से गाड़ी रोकने को कहा और उस व्यक्ति को अपने पास बुलाया।
सरदार पटेल ने उनसे पूछा कि वह दिल्ली कैसे आए हैं। इस पर उन्होंने बताया कि वह घूमने के लिए आए हैं। इसके बाद सरदार पटेल उन्हें अपने घर ले गए और दो दिनों तक दिल्ली के अलग-अलग स्थानों की सैर कराई। जब उस व्यक्ति ने वापस जाने की इच्छा जताई तो सरदार पटेल ने उनके लिए एक निजी टैक्सी की व्यवस्था कराई। इस पर उस व्यक्ति ने उनसे सवाल किया कि जब उनके पास अपनी गाड़ी मौजूद है तो टैक्सी क्यों मंगाई जा रही है?
भूपेंद्र पटेल के मुताबिक, इस सवाल पर सरदार पटेल ने स्पष्ट जवाब दिया कि उनके पास जो गाड़ी है, वह सरकार की है और उसका इस्तेमाल केवल सरकारी काम के लिए किया जा सकता है। उन्होंने निजी काम के लिए सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करने से साफ इनकार कर दिया। भूपेंद्र पटेल ने बताया कि सरदार पटेल ने कभी भी निजी काम के लिए सरकारी धन का एक पैसा तक खर्च नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सार्वजनिक धन के निजी इस्तेमाल को लेकर इसी तरह का विचार रखते हैं।
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