सर्वदलीय बैठक के बाद बोले केंद्रीय मंत्री रिजिजू, 'विपक्षी सदस्य सरकार के प्रयासों से संतुष्ट'

सर्वदलीय बैठक के बाद बोले केंद्रीय मंत्री रिजिजू, विपक्षी सदस्य सरकार के प्रयासों से संतुष्ट
मध्य पूर्व में जारी तनाव को लेकर बुधवार को सरकार ने संसद भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई।

नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में जारी तनाव को लेकर बुधवार को सरकार ने संसद भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई।

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैंने विपक्ष और सरकार की तरफ से दिए गए सभी सुझावों को डिटेल में सुना है, सभी सवाल और सभी कन्फ्यूजन, जो कुछ भी था, सरकार ने उन सभी को साफ-साफ समझाया और विपक्ष ने मीटिंग के आखिर में कहा, जो बहुत जरूरी है कि वे इस ऑल पार्टी मीटिंग को बुलाने के लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुश्किल हालात में हम सभी को एक साथ खड़ा होना होगा।

किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि कई सदस्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गैस और पेट्रोलियम सप्लाई की डिटेल्स जानना चाहते थे। और वे सभी इस बात से संतुष्ट थे कि भारत पहले ही चार जहाज लाने में सफल रहा। इसलिए विपक्षी सदस्य सरकार की कोशिशों से संतुष्ट थे।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि हमारी पुरानी मांग है कि इस पूरे मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा में बहस होनी चाहिए। तभी लोग संतुष्ट होंगे। हमने उनकी बात सुनी है, लेकिन कई ऐसे मुद्दे थे जिन पर उनका जवाब संतोषजनक नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार कुछ नहीं कह रही है। सरकार के कुछ कहने से क्या होगा? लेकिन, असलियत यह है कि जंग चल रही है। और पाकिस्तान, जो हमसे छोटा देश है और हर तरह से हमसे कमजोर है, आज मीडिएटर बन रहा है और मीडिएटर का रोल निभा रहा है।

ऑल पार्टी मीटिंग पर समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि मीटिंग में बहुत सारे जरूरी सवाल थे, जो सभी विपक्ष की तरफ से आए थे। लेकिन इस मौके पर मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि लोकसभा में आर्टिकल 193 और राज्यसभा में आर्टिकल 176 पर जो चर्चा हो, अगर वो चर्चा होती है, तो उस चर्चा से पूरे देश के सामने चीजें साफ हो जाएंगी।

सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि सरकार विपक्ष को भरोसा दिला रही है कि सब कुछ सुरक्षित है, तेल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, एलएनजी, एलपीजी, वगैरह की सप्लाई काफी है। जहाजों के आसानी से चलने के लिए ईरान की तरफ से बातचीत हुई है और यह हो भी रही है। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि भारत सरकार सभी देशों और स्टेकहोल्डर्स से बात करने में प्रोएक्टिव कदम उठा रही है और सरकार चाहती है कि युद्ध जल्द खत्म हो।

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ऑल-पार्टी मीटिंग में न आने पर भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि यह राहुल गांधी की आदत है। हमने हमेशा लोकसभा में देखा है कि वह कोई भी टॉपिक उठाते हैं और भाग जाते हैं। मिडिल ईस्ट में जब ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाई गई थी, तब भी यही हुआ था। जब सरकार अपनी बात समझाने आई, तो न तो टीएमसी और न ही राहुल गांधी मौजूद थे। दोनों ही नॉन-सीरियस लोग हैं। राहुल गांधी को पॉलिटिक्स में कोई इंटरेस्ट नहीं है। उन्हें देश में कोई इंटरेस्ट नहीं है।

केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि टीएमसी डरी हुई है। यह भी मुमकिन नहीं है कि टीएमसी इतने बड़े इवेंट में हिस्सा ले। उनकी नीयत और पॉलिसी खराब है। अब इस मुश्किल हालात में सबको साथ आना चाहिए, लेकिन वे नहीं आ रहे हैं।

बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि आप देखिए ऑल पार्टी मीटिंग में सीनियर मिनिस्टर और फ्लोर लीडरशिप के मेंबर थे। तीन या चार एरिया थे, जिन पर बातचीत हुई। एक एनर्जी की अवेलेबिलिटी के बारे में था। दूसरा जियोपॉलिटिक्स के बारे में था। तीसरा डिप्लोमैटिक इनिशिएटिव के बारे में था और चौथा इस देश के लोगों के लिए तेल, क्रूड और एलएनजी वगैरह की बेसिक सप्लाई की अवेलेबिलिटी के बारे में था।

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Created On :   25 March 2026 11:09 PM IST

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