सेंसेक्स एक हफ्ते में 5.50 प्रतिशत घटा, निफ्टी ऑटो इंडेक्स 10 प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ टॉप लूजर

सेंसेक्स एक हफ्ते में 5.50 प्रतिशत घटा, निफ्टी ऑटो इंडेक्स 10 प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ टॉप लूजर
मध्य पूर्व में तनाव के चलते भारतीय बाजार के लिए चालू हफ्ता (9-13 मार्च) काफी नुकसान वाला रहा है। इस दौरान सेंसेक्स 4,354.98 अंक या 5.52 प्रतिशत और निफ्टी 1,299.35 अंक या 5.31 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

मुंबई, 13 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में तनाव के चलते भारतीय बाजार के लिए चालू हफ्ता (9-13 मार्च) काफी नुकसान वाला रहा है। इस दौरान सेंसेक्स 4,354.98 अंक या 5.52 प्रतिशत और निफ्टी 1,299.35 अंक या 5.31 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

9-13 मार्च के बीच हुई गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 20 लाख करोड़ रुपए कम होकर 430 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो इस हफ्ते की शुरुआत में करीब 450 लाख करोड़ रुपए था।

इस हफ्ते के दौरान सूचकांकों में सबसे अधिक गिरावट ऑटो में देखी गई। सभी सूचकांकों निफ्टी ऑटो 10.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर था। इसके साथ निफ्टी पीएसयू बैंक 7.27 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 7.01 प्रतिशत,निफ्टी प्राइवेट बैंक 6.96 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 5.90 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस 5.68 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 5.60 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 5.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

समीक्षा अवधि में कोई भी सूचकांक हरे निशान में बंद होने में सफल नहीं हुआ है।

इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2,632.25 अंक या 4.59 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 54,761.10 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 603.65 अंक या 3.66 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,895.25 पर बंद हुआ।

भारतीय बाजार में शुक्रवार के सत्र में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इस दौरान सेंसेक्स 1,470.50 या 1.93 प्रतिशत गिरकर 74,563.92 और निफ्टी 488.05 अंक या 2.06 प्रतिशत गिरकर 23,151.10 पर बंद हुआ।

दिन के कारोबार में सेंसेक्स 75,444.22 पर खुलकर दिन के निचले स्तर 74,454.60 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी 50 23,462.50 पर खुला और एक समय 23,112 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।

बाजार में गिरावट की वजह ईरान-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर नकारात्मक प्रभाव होने की आशंका है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है, जिसका असर भारत के साथ-साथ दुनिया के बाजारों पर देखने को मिल रहा है।

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Created On :   13 March 2026 4:54 PM IST

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