शेखपुरा में डीएम शेखर आनंद ने एससी/एसटी एक्ट के लंबित मामलों की समीक्षा की, त्वरित निष्पादन के सख्त निर्देश दिए

शेखपुरा में डीएम शेखर आनंद ने एससी/एसटी एक्ट के लंबित मामलों की समीक्षा की, त्वरित निष्पादन के सख्त निर्देश दिए
जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने सभी लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के सख्त निर्देश दिए हैं।

शेखपुरा, 28 मार्च (आईएएनएस)। जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने सभी लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के सख्त निर्देश दिए हैं।

जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में समाहरणालय के मंथन सभा कक्ष में एससी/एसटी एक्ट के तहत गठित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में दर्ज एससी/एसटी अत्याचार मामलों की वर्तमान स्थिति, जांच की प्रगति और पीड़ितों को दिए जाने वाले मुआवजे की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने बैठक के दौरान एससी/एसटी थाना प्रभारी और संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि जितने भी मामले लंबित हैं, उन सभी कांडों का यथाशीघ्र अनुसंधान पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित कांडों को तेजी से निष्पादित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि पीड़ितों को समय पर राहत राशि और मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी मामले में जानबूझकर देरी की गई तो संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर समाहर्ता (जांच), सभी लोक अभियोजक, एससी/एसटी थाना के प्रभारी सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिला पदाधिकारी ने सभी अभियोजकों को निर्देश दिया कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों में तेजी लाने के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।

एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में पीड़ितों को न केवल आर्थिक सहायता बल्कि मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करने पर जोर दिया गया। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि जिले में एससी/एसटी समुदाय के लोगों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को किसी भी प्रकार के अत्याचार से मुक्ति मिले और उन्हें पूर्ण न्याय मिले। इसके लिए प्रशासन और पुलिस दोनों को समन्वय के साथ काम करना होगा।

बैठक के अंत में सभी संबंधित अधिकारियों को आगामी एक माह के अंदर लंबित मामलों की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

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Created On :   28 March 2026 9:25 PM IST

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