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घर का ईंधन: जानिए - एलपीजी और पीएनजी में क्या है फर्क, सब ठीक रहा तो जल्द ही नया ऑप्शन पाइपलाइन के जरिए आपकी रसोई में होगा दाखिल

Nagpur News. मौजूदा हालात के मद्देनजर एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने की चुनौती से निपटने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति बढ़ाने का फैसला लिया गया। यदि सब ठीक रहा, तो जल्द ही नया ऑप्शन पीएनजी पाईप लाईन से लोगों के घरों तक पहुंच सकेगा। अबतक एलपीजी के बारे में काफी लोगों को पता है कि (LPG) सिलेंडर में भरी जाने वाली गैस है। इसमें प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होता है, लेकिन लोगों को यह कम ही पता होगा कि पीएनजी (PNG) सीधे पाइपलाइन से किचन तक पहुंचने वाली नैचुरल गैस है, इसमें मीथेन होती है।
आप सोच रहे होंगे कि एलपीजी और पीएनजी में सुरक्षा के लिहाज से कौनसा विकल्प बेहतर है, तो आपको बतादें सही तरह से इस्तेमाल करें तो दोनो गैस सुरक्षित है। वैसे जानकारों के मुताबिक दोनों में पीएनजी को कहीं ज्यादा बेहतर माना गया है। एलपीजी हवा से भारी होती है, जो लीक होने पर यह जमीन पर जमा होती है, इसमें आग लगने का खतरा ज्यादा होता है।
एलपीजी और पीएनजी में फर्क क्या है?
आधार | PNG (पाइप गैस) | LPG (सिलेंडर गैस) |
सप्लाई | पाइप लाइन से सीधे घर तक आती है | सिलेंडर में आती है |
| गैस का प्रकार | मीथेन (Natural Gas) | प्रोपेन + ब्यूटेन |
| सुविधा | सुविधा 24×7 लगातार मिलती है | खत्म होने पर बदलना पड़ता |
| सफाई | ज्यादा साफ जलती है | थोड़ी कम साफ |
| स्टोरेज | घर में कुछ नहीं रखना | सिलेंडर रखना पड़ता |
| सुरक्षा | लीक होने पर ऊपर उड़ जाती | भारी गैस, नीचे जमा हो सकती |
पीएनजी की बात करें तो वो हवा से हल्की होती है, लीक हुई तो झट हवा में उड़ जाती है। इसमें सिलेंडर खत्म होने की चिन्ता नहीं, बुकिंग का झमेला नहीं। सप्लाई भी किसी पानी के नल कनेक्शन की तरह होती है, जो 24 घंटे चालू रहती है। जितना उपयोग होगा, मीटर के तहत उतना ही भुगतान करना होगा। कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं। गैस चोरी की गुंजाइश नहीं और कालाबाजारी भी नहीं होती। खास बात है कि पर्यावरण मद्देनजर पीएनजी दूसरी गैसों के मुकाबले कम हानिकारक है। इसे भविष्य का बेहतरीन ईंधन माना जा सकता है। PNG पर खाना बनाना पूरी तरह सुरक्षित है।
इसके लिए घर तक तय मानकों के तहत तैयार पाइपलाइन लगाने का खर्च आता है, फिटिंग भी आसान है। दिल्ली में कुछ कंपनियां नया घरेलू पीएनजी कनेक्शन देने के लिए आमतौर पर 5 से 7 हजार रुपए तक का शुल्क लेती हैं। जो सिक्योरिटी डिपॉजिट जैसा होता है, लगभग इंस्टॉलेशन और मीटर का खर्च ही शामिल होता है। इस गैस का कनेक्शन लेने के बाद शहरों में एलपीजी गैस सिलेंडर का भार कम हो जाएगा।
Created On :   28 March 2026 9:38 PM IST









