हड़ताल की चेतावनी: मानधन नहीं मिला तो 1 अप्रैल से चरमरा जाएगी स्वास्थ्य सेवा, आशा वर्करों पर बढ़ा काम का बोझ, सुविधाएं भी नहीं

मानधन नहीं मिला तो 1 अप्रैल से चरमरा जाएगी स्वास्थ्य सेवा, आशा वर्करों पर बढ़ा काम का बोझ, सुविधाएं भी नहीं
  • अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
  • इन कामों का नहीं हुआ भुगतान
  • 1 अप्रैल से चरमरा जाएगी स्वास्थ्य सेवा

Nagpur News. ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली आशा वर्करों और गटप्रवर्तकों ने 1 अप्रैल को राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। लंबे समय से मानधन नहीं मिलने, बढ़ते काम के बोझ और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते आंदोलन किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। यदि अनिश्चितकालीन हड़ताल हुई, तो राज्यभर की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाएंगी। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर टीकाकरण और सर्वे कार्य तक प्रभावित होने की आशंका है।

आर्थिक संकट से जूझ रहे कार्यकर्ता

आशा वर्करों और गटप्रवर्तकों की नियुक्ति जिस उद्देश्य के लिए की गई थी, उससे हटकर अब उन पर विविध कार्यों की जिम्मेदारी डाली जा रही है। आशा वर्करों की नियुक्ति काम के आधार पर मानधन के अनुसार की गई थी, लेकिन अप्रैल 2025 से विभिन्न प्रकार के कार्य करवाया जा रहा है। बावजूद उन्हें समय पर मानधन नहीं दिया जा रहा है। उन्हें केंद्र सरकार का मानधन पिछले छह महीनों से नहीं मिला है। समय पर मानधन न मिलने के कारण आशा कार्यकर्ता आर्थिक संकट में हैं। बढ़ती महंगाई, शिक्षा, इलाज, करों और घरेलू खर्चों का बोझ उठाना मुश्किल हो गया है। इन सभी मुद्दों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही। इसलिए 1 अप्रैल से राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। यदि सरकार मानधन व मांगें पूरी नहीं करती, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। ऐसा आशा व गटप्रवर्तक कर्मचारी यूनियन व आरोग्य विभाग कंत्राटी कर्मचारी यूनियन के राजेंद्र साठे ने बताया है।

इन कामों का नहीं हुआ भुगतान

आशा वर्करों को केंद्र सरकार का पिछले छह महीनों से लंबित मानधन तत्काल देने की मांग की गई है। इसके अलावा क्षय रोग, कुष्ठ रोग, हत्ती रोग, कैंसर, बीसीजी सर्वे, इंद्रधनुष सर्वे, सिकल सेल सर्वे, आरोग्य वर्धिनी, सी-बैक फॉर्म भरना तथा हर महीने स्पुटम संग्रहण जैसे कार्यों का पिछले एक वर्ष से भुगतान नहीं किया गया है। यह भुगतान करने की मांग की गई है। इसके अलावा अलग-अलग मांगे हैं। जो पूरी करने के लिए समय समय पर आंदोलन किया जाता रहा है। बावजूद सरकार इसकी दखल नहीं ले रही है। ऐसा भी साठे ने बताया।

Created On :   27 March 2026 6:51 PM IST

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