Nagpur News: मेडिकल को दो साल में मिलेंगे दो रोबोट, अत्याधुनिक तकनीक के विशेषज्ञ होंगे डॉक्टर्स, रिसर्च काें मिलेगा बढ़ावा

मेडिकल को दो साल में मिलेंगे दो रोबोट, अत्याधुनिक तकनीक के विशेषज्ञ होंगे डॉक्टर्स, रिसर्च काें मिलेगा बढ़ावा
  • अत्याधुनिक तकनीक के विशेषज्ञ होंगे डॉक्टर्स
  • नागपुर का नाम करेंगे रोशन
  • अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से साझेदारी कर रिसर्च काें देंगे बढ़ावा
  • चिकित्सा क्षेत्र कॅरियर नहीं, जीवन बचाने का क्षेत्र

Nagpur News. पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मेडिकल को दो रोबोट दिलाने की घोषणा की। एक रोबोट अप्रैल में और दूसरा अगले साल दिलाया जाएगा। मेडिकल प्रशासन से रोबोट के लिए प्रस्ताव भेजने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल के डॉक्टर्स अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक के विशेषज्ञ होंगे, जो पूरी दुनिया में नागपुर का नाम रोशन करेंगे। मेडिकल में विश्व में उपलब्ध अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की तरफ से इसके लिए सभी प्रकार की मदद की जाएगी। शुक्रवार को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (मेडिकल) में 79 वें स्थापना दिवस पर विद्यार्थियों का सत्कार व पूर्व विद्यार्थियों का पदग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पालकमंत्री बावनकुले बोल रहे थे। विशेष अतिथि के रूप में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ के प्रशासकीय न्यायमूर्ति अनिल किलोर उपस्थित थे। पालकमंत्री ने 25 करोड़ रुपए देने का आश्वासन दिया।

चिकित्सा क्षेत्र कॅरियर नहीं, जीवन बचाने का क्षेत्र

पालकमंत्री बावनकुले ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में नागपुर के मेडिकल का नाम उच्च क्रमांक पर है। पूर्व विद्यार्थियों की नई कार्यकारिणी नए विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने में सर्वोत्तम कार्य करेगी। दुनिया के सभी देशों में नागपुर मेडिकल के विद्यार्थी डॉक्टर के रूप उच्चस्तरीय सेवा दे रहे हैं। आनेवाले समय में नए विकसित भारत में डॉक्टरों की नई पीढ़ी मेडिकल से तैयार होगी। चिकित्सा विज्ञान को नई उंचाई देने की आवश्यकता है। चिकित्सा क्षेत्र कैरियर का नहीं जीवन बचाने का क्षेत्र है। जब मरीज डॉक्टर के पास पहुंचता है तो उसके पास जीवन की आस और डॉक्टर के प्रति विश्वास होता है। मेडिकल के डॉक्टरों व विद्यार्थियों ने मरीजों के प्रति संवेदनशीलता का जतन किया है। इसलिए मेडिकल का विश्वसनीयता हमेशा बढ़ता रहा है।

संस्थान की महानता सेवा भावना से सुनिश्चित: न्यायमूर्ति किलोर

मेडिकल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सुलभ और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का मजबूत आधार भी है। यह बात बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ के प्रशासकीय न्यायमूर्ति अनिल किलोर ने कही। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की महानता उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि वहां से निकलने वाले डॉक्टरों, शिक्षकों और सेवा भावना से सुनिश्चित होती है। मेडिकल में हर दिन ग्रामीण, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवाएं महंगी होती जा रही हैं, यह संस्थान उम्मीद की किरण बनकर सामने आता है। संस्थान का स्थापना दिवस केवल वर्षों का उत्सव नहीं, बल्कि एक विचार, विजन, प्रतिबद्धता और सिद्धांतों का उत्सव है, जो इस संस्थान की नींव हैं।

गांवों व कस्बों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा जरुरी

न्यायमूर्ति किलोर ने कहा कि संस्थान का मूल उद्देश्य पैसे के अभाव में कोई इलाज से वंचित न रहे। साथ ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा देकर ऐसे डॉक्टर तैयार करना है जो देश और समाज की सेवा करें। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि गांवों और छोटे कस्बों में आज भी शुरुआती जांच और इलाज की पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं, जिसके कारण कई बीमारियां गंभीर अवस्था में पहुंच जाती हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत बनाने, आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रशिक्षित स्टाफ बढ़ाने की जरूरत है। समय पर जांच और इलाज केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नए मेधावी व पूर्व विद्यार्थी सम्मानित

मेडिकल के स्थापना दिवस अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में उपअधिष्ठाता डॉ. देवेंद्र माहोरे, डॉ. उदय नार्लावार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे, विशेष कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुषमा ठाकरे प्रमुखता से उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान पूर्व विद्यार्थियों की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष डॉ. वाय.एस. देशपांडे, उपाध्यक्ष डॉ. प्रमोद गिरी, डॉ. संजय पैठणकर व डॉ. प्रफुल कुलकर्णी, सचिव डॉ. सुधीर नेरल, सहसचिव डॉ. विंकी रुघवानी व डॉ. देवेंद्र माहोरे, कोषाध्यक्ष डॉ. उदय नार्लावार शामिल हैं। इस अवसर पर डॉ. एम.एन. माहोरे और डॉ. पी.के. देशपांडे का सत्कार किया गया। पांच मेधावी विद्यार्थी हर्षल राऊत, बालाजी ठाकरे, दर्पण मुथा, आयुष धांधोणे, लाइबा काइनात को सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. प्रगति राठोड व डॉ. सुनील वाशिमकर ने किया। कार्यक्रम में विद्यार्थी, डॉक्टर्स, अभिभावक उपस्थित थे।

मेडिकल के अधिष्ठाता डॉ. राज गजभिये ने संस्था की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और चिकित्सा शिक्षा में योगदान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है, जिसका लाभ मेडिकल को मिला है। इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कॉलेज और अस्पताल परिसर में बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण कार्य जारी है। इसमें नया ऑडिटोरियम, गेस्ट हाउस, छात्रावास, 30 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 9 आईसीयू, अत्याधुनिक लैब, ट्रॉमा सेंटर का विस्तार, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सुपर स्पेशालिटी अस्पताल का विकास, नर्सिंग कॉलेज, कैंसर अस्पताल, रोबोटिक सर्जरी, न्यूक्लियर मेडिसिन जैसे नए विभाग शामिल हैं। साथ ही लीवर और हार्ट ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक सेवाएं शुरू करने की तैयारी भी पूरी हो चुकी हैं। मेडिकल को विश्व स्तर का चिकित्सा संस्थान बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी और रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा। संस्थान को स्वायत्त (ऑटोनॉमस) बनाने का प्रस्ताव भी राज्य सरकार के समक्ष रखा गया है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत में बताया गया कि 27 मार्च 1947 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के हाथों इस संस्थान की स्थापना हुई थी। इस संस्थान ने देश को अब तक 17 पद्म पुरस्कार विजेता, 8 विधायक एवं सांसद, 18 आईएएस-आईपीएस अधिकारी, 7 डॉ. बी.सी. रॉय पुरस्कार विजेता, 2 रैमन मैगसेसे पुरस्कार विजेता तथा 55 सशस्त्र बलों के अधिकारी दिए हैं।

Created On :   28 March 2026 8:13 PM IST

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