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पहल: यूनिवर्सिटी में रेडिएशन सेफ्टी एंड न्यूक्लियर एनर्जी का पाठ्यक्रम, 5 वर्षों में रोजगार के व्यापक अवसर

Nagpur News. निखिल जनबंधु. केंद्र सरकार द्वारा ‘शांति बिल’ को मंजूरी दिए जाने के बाद परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। इस महत्वपूर्ण बदलाव को ध्यान में रखते हुए नागपुर विद्यापीठ के स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग ने एक अभिनव पहल की है। विभाग ने “रेडिएशन सेफ्टी एंड न्यूक्लियर एनर्जी” नया पाठ्यक्रम तैयार किया है। इस पाठ्यक्रम के तहत बीएससी और एमएससी के छात्रों के लिए सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है। पाठ्यक्रम समन्वयक प्रो. डॉ. स्मिता आचार्य ने बताया कि परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण से आने वाले 5 वर्षों में इस क्षेत्र में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।
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पूर्व वैज्ञानिक का मार्गदर्शन : हाल ही में स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग और आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में ‘किरणोत्सर्ग सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा’ विषय पर यह प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पाठ्यक्रम के लिए विशेषज्ञ के रूप में भाभा अनुसंधान केंद्र, मुंबई के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. एस. मुरली मुख्य मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. मुरली ने विकिरण के स्रोत, उसका पता लगाने की विधियां, मापन उपकरण, जैविक प्रभाव, सुरक्षा के सिद्धांत तथा रेडियोधर्मी कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
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51 छात्रों को प्रमाणपत्र
इस पाठ्यक्रम के तहत पहली बैच के 51 छात्रों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। पहली बैच के लिए कुल 72 बीएससी और एमएससी के छात्रों ने पंजीकरण कराया था। सात दिन तक चले इस पाठ्यक्रम के दौरान नियमित रूप से उपस्थित रहने वाले छात्रों की परीक्षा ली गई, जिसके बाद नागपुर विद्यापीठ की ओर से उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस पहली बैच की विशेष बात यह रही कि विज्ञान के छात्रों के साथ कुछ डीम्ड विद्यापीठ के प्रोफेसर भी इसमें शामिल हुए, ताकि वे अपने-अपने संस्थानों में भी इस पाठ्यक्रम को शुरू कर सकें।
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हर सेमेस्टर में यह कोर्स
प्रो. डॉ. स्मिता आचार्य ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग ने विषय विशेषज्ञों की राय लेकर यह महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम तैयार किया है। पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले विद्यापीठ के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों तथा संलग्नित कॉलेजों को इसकी जानकारी दी गई थी। यह कोर्स प्रत्येक सेमेस्टर में आयोजित किया जाएगा। सात दिन की अवधि वाले इस पाठ्यक्रम में भाग लेने के लिए छात्रों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Created On :   28 March 2026 6:29 PM IST









