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New Delhi News: महाराष्ट्र में 2 चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी, शिंदे ने कहा - पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती का निर्णय सराहनीय

New Delhi News. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए एक केंद्रीय प्रायोजित योजना (सीएसएस) का संचालन करता है। इसके तहत मध्य प्रदेश में 14 और महाराष्ट्र में 2 चिकित्सा महाविद्यालयों सहित देश भर में 157 सरकारी महाविद्यालयों के लिए मंजूरी दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शुक्रवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान डॉ शिवाजी कालगे और ज्ञानेश्वर पाटिल के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीएसएस के तहत उन अल्पसेवित क्षेत्रों और आकांक्षी जिलों को प्राथमिकता दी जाती है, जहां कोई मौजूदा सरकारी या निजी चिकित्सा महाविद्यालय नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारों को बीच निधि बंटवारे की व्यवस्था पूर्वोत्तर और विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 90:10 अनुपात में और अन्य राज्यों के लिए 60:40 के अनुपात में है।अनुप्रिया पटेल ने बताया कि मंत्रालय 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने के लिए एक केंद्रीय प्रायोजित योजना भी कार्यान्वित कर रहा है। इस योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र में 6 और मध्य प्रदेश में 14 नर्सिंग कॉलजों को मंजूरी दी जा चुकी है।
पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती का निर्णय सराहनीय : श्रीकांत शिंदे
लोकसभा में शिवसेना संसदीय दल के नेता डॉ श्रीकांत शिंदे ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले केन्द्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रूपये की कटौती करने के लिए केन्द्र सरकार की सराहना की है। उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त जब पश्चिम एशिया में उत्पन्न तनाव के चलते विश्वभर में ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोत्तरी देखी जा रही है, तब भारत में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करना देश के करोड़ों नागरिकों के लिए बड़ी राहत है। डॉ शिंदे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह निर्णय जन कल्याण के प्रति केन्द्र सरकार की अटृट प्रतिबद्धता का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रूपये से घटकर 3 रूपये रह गई है, जबकि डीजल पर यह पूरी तरह खत्म हो गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पश्चिम एशिया के देशों में जारी सैन्य संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है और ईधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका में लगभग 50 प्रतिशत तक, उत्तर अमेरिका में करीब 30 प्रतिशत, जबकि यूरोप में लगभग 20 प्रतिशत तक ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है।
Created On :   27 March 2026 8:10 PM IST











