गैंगस्टर संदीप एनकाउंटर केस: मुंबई सेशन कोर्ट ने हरियाणा पुलिस के पांच जवानों को किया बरी, 2016 को अंधेरी के एक होटल में गैंगस्टर का हुआ था एनकाउंटर

मुंबई सेशन कोर्ट ने हरियाणा पुलिस के पांच जवानों को किया बरी, 2016 को अंधेरी के एक होटल में गैंगस्टर का हुआ था एनकाउंटर
  • गैंगस्टर संदीप गडोली एनकाउंटर मामला
  • 2016 को मुंबई के अंधेरी के एक होटल गैंगस्टर संदीप गडोली का हुआ था एनकाउंटर
  • मुंबई सेशन कोर्ट ने हरियाणा पुलिस के पांच जवानों को किया बरी

Mumbai News. मुंबई सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को हरियाणा के गैंगस्टर संदीप गडोली एनकाउंटर मामले में सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया। इन आरोपियों में हरियाणा पुलिस के पांच जवान और मॉडल दिव्या पाहुजा की मां सोनिया पाहुजा शामिल थीं। उन पर आरोप लगाया गया था कि घटना के समय गडोली निहत्था था और हरियाणा पुलिस की टीम ने उसे गोली मारकर हत्या कर दी थी। वीरेंद्र गुर्जर भी इस मामले में आरोपी था और उसे भी बरी कर दिया गया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत काले ने फैसला सुनाया कि आरोपी भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और अन्य प्रावधानों के तहत लगाए गए आरोपों के दोषी नहीं हैं। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि मामला दुर्भावनापूर्ण था। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे थे और गडोली के परिवार के दबाव में लगाए गए थे। गैंगस्टर के परिवार के सदस्यों पर खुद ही गंभीर आपराधिक आरोप थे, जिनमें जबरन वसूली और हत्या शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 7 फरवरी 2016 को मुंबई के अंधेरी स्थित एक होटल में हुई थी, जहां हरियाणा पुलिस की टीम ने गडोली को गोली मार दी थी।

पुलिस ने बताया कि गुड़गांव क्राइम ब्रांच के सब-इंस्पेक्टर प्रद्युम्न वेद प्रकाश यादव नेतृत्व में पांच सदस्यों की एक टीम ने प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर वीरेंद्र कुमार उर्फ बिंदर करनसिंह गुर्जर के इशारे पर काम करते हुए गडोली को होटल तक ट्रैक किया और फर्जी एनकाउंटर में उसे गोली मार दी। इस मामले में आरोपी बनाए गए चार अन्य पुलिसकर्मियों में विक्रम सिंह राजबीर सिंह, जितेंद्र जयपाल यादव, दीपक कुमार वेद प्रकाश काकरान और परमजीत भूप सिंह अहलावत शामिल थे।

बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर गठित मुंबई पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी)ने इस कथित फर्जी एनकाउंटर की जांच की थी, जिसमें गडोली की गर्लफ्रेंड, मॉडल दिव्या पाहुजा और उसकी मां सोनिया पाहुजा को भी मामले में आरोपी बनाया था। मां-बेटी की जोड़ी पर हरियाणा पुलिस टीम को मारे गए गैंगस्टर को ट्रैक करने में मदद करने और फर्जी एनकाउंटर को अंजाम देने में सहयोग करने का आरोप था।

आरोप था कि घटना के समय गडोली निहत्था था और हरियाणा पुलिस की टीम ने उसे गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद घटनास्थल के साथ छेड़छाड़ की गई, जिससे यह लगे कि दोनों ओर से गोलीबारी हुई थी। अभियोजन पक्ष ने अपने इस दलील का समर्थन करने के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और बैलिस्टिक साक्ष्य सहित विभिन्न सामग्रियों पर भरोसा किया कि यह एनकाउंटर फर्जी था और साक्ष्य गढ़े गए थे। कथित फर्जी एनकाउंटर की जांच एसआईटी ने हाई कोर्ट के आदेश पर शुरू की थी। यह आदेश गडोली परिवार के सदस्यों द्वारा दायर एक याचिका के बाद दिया गया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि यह एनकाउंटर फर्जी था और संदीप की हत्या उसके प्रतिद्वंद्वी गुर्जर के इशारे पर की गई थी।

एसआईटी ने उनके दावों को सही पाया और यह निष्कर्ष निकाला कि यह एनकाउंटर एक सोची-समझी हत्या थी। इसके बाद मामले दर्ज किए गए और हरियाणा पुलिस टीम तथा दो अन्य लोगों पर हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए। दिव्या पाहुजा घटना के समय होटल के कमरे में मौजूद थीं। उनकी जनवरी 2024 में गुरुग्राम में एक अलग घटना में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनकी बहन ने दावा किया कि यह गडोली के परिवार द्वारा लिया गया बदला था। इस मामले में उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही अब समाप्त हो गई है।

Created On :   27 March 2026 8:57 PM IST

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