स्टालिन का टीवीके सरकार पर हमला, बोले- महंगाई और बिजली संकट से जूझ रहा तमिलनाडु

स्टालिन का टीवीके सरकार पर हमला, बोले- महंगाई और बिजली संकट से जूझ रहा तमिलनाडु
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य की टीवीके सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के सत्ता संभालने के महज चार महीने के भीतर तमिलनाडु महंगाई और बढ़ती जीवनयापन लागत के मामले में शीर्ष पर पहुंच गया है। स्टालिन ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों, बिजली संकट और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

चेन्नई, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य की टीवीके सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के सत्ता संभालने के महज चार महीने के भीतर तमिलनाडु महंगाई और बढ़ती जीवनयापन लागत के मामले में शीर्ष पर पहुंच गया है। स्टालिन ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों, बिजली संकट और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

स्टालिन ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यदि सरकार आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने में विफल रही होती, तो भी यह एक अलग बात थी, लेकिन खाद्य मंत्री का यह दावा कि जीवनयापन की लागत में कोई वृद्धि नहीं हुई है, गरीबों के गुस्से को और बढ़ा रहा है।

उन्होंने बिजली संकट को लेकर भी सरकार को घेरा। स्टालिन ने कहा कि विपक्षी दल कई महीनों से संभावित बिजली कटौती को लेकर चेतावनी दे रहे थे, लेकिन सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली मंत्री पंजाब का उदाहरण दे रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर लंदन चले गए हैं। अब सरकार को अंतिम समय में खुले बाजार से 35 रुपये प्रति यूनिट की दर पर बिजली खरीदने की नौबत आ गई है।

डीएमके अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या टीवीके सरकार का वादा किया गया 'बदलाव' यही है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में कम दरों पर किए गए बिजली खरीद समझौतों को रद्द कर सबसे ऊंची दरों पर बिजली खरीदी जाए। उन्होंने बिजली खरीद में कथित अनियमितताओं पर भी सवाल उठाए।

स्टालिन ने आरोप लगाया कि टीवीके सरकार एआईएडीएमके के 15 और विधायकों को अपने पाले में लाने की बात खुले तौर पर स्वीकार कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि बिजली खरीद में कथित भ्रष्टाचार के पीछे विधायकों को अपने पक्ष में करने के लिए धन जुटाने का उद्देश्य तो नहीं है।

कृषि क्षेत्र की समस्याओं का जिक्र करते हुए स्टालिन ने कहा कि कुरुवई फसल खराब होने के दौरान डेल्टा क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता देने के बजाय ज्योतिषी की सलाह पर भरोसा किया गया और मेत्तूर बांध को गलत तारीख पर खोला गया।

उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर पांच करोड़ रुपये की लागत से सड़क किनारे लगाए गए बैरिकेड के बीच रील बनाने को लेकर भी निशाना साधा। स्टालिन ने सवाल किया कि इस कवायद से जनता को वास्तविक लाभ क्या मिला। उन्होंने कहा कि अब निचले इलाकों के किसान पानी की कमी से परेशान हैं और उन्हें यह भी आशंका है कि सांबा धान की खेती हो पाएगी या नहीं।

स्टालिन ने टीवीके सरकार के मंत्रिमंडल की तुलना आग लगी पूंछ वाले बंदरों के झुंड से करते हुए आरोप लगाया कि सरकार के पास दूरदर्शिता और सामान्य प्रशासनिक समझ का अभाव है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री को शासन व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन वह हर महीने उडुपी, लंदन या विजयवाड़ा जैसे अलग-अलग शहरों के दौरे और कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं।

डीएमके अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की कथित लापरवाही और प्रशासनिक फैसलों के कारण तमिलनाडु के लोगों में आने वाले महीनों को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन की बुनियादी समझ के अभाव में लिए जा रहे फैसलों का असर राज्य की अर्थव्यवस्था, किसानों और आम जनता पर पड़ रहा है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   13 Oct 2026 6:13 PM IST

Tags

Next Story