रीवा न्यूज: आपदा जोखिम न्यूनीकरण में युवा नेतृत्व और विधिक जागरूकता पर हुआ मंथन

आपदा जोखिम न्यूनीकरण में युवा नेतृत्व और विधिक जागरूकता पर हुआ मंथन
संगोष्ठी में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज, शैक्षणिक संस्थानों और जागरूक नागरिकों की साझा जवाबदेही है

डिजिटल डेस्क रीवा। मेरा युवा भारत रीवा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा विधिक अधिकारों एवं प्रशासनिक उत्तरदायित्वों के प्रति समझ मजबूत करने के उद्देश्य से शासकीय विधि महाविद्यालय में आपदा जोखिम न्यूनीकरण में युवा नेतृत्व, विधिक अधिकार एवं प्रशासनिक उत्तरदायित्व विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। दो सत्रों में संपन्न इस संगोष्ठी में शिक्षा, विधि, युवा कार्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े वक्ताओं ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विचार व्यक्त किए। प्रथम सत्र में अग्रणी महाविद्यालय रीवा के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. भारतेंदु मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सत्र की अध्यक्षता शासकीय विधि महाविद्यालय, रीवा के प्राचार्य डॉ. योगेंद्र कुमार तिवारी ने की। रीवा संभाग के जिला युवा अधिकारी कुलदीप सिंह ने विषय विशेषज्ञ के रूप में आपदा जोखिम न्यूनीकरण में युवाओं की भूमिका, पूर्व तैयारी, सामुदायिक सहभागिता और जनजागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को आपदा प्रबंधन संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।द्वितीय सत्र में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय रीवा के सहायक प्राध्यापक सौरभ मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस सत्र की अध्यक्षता विधि विषय के सहायक प्राध्यापक डॉ. भोला प्रसाद साहू ने की। वक्ताओं ने आपदा के समय प्रभावी संचार, सही सूचनाओं के प्रसार, विधिक जागरूकता तथा प्रशासन और समाज के बीच समन्वय की आवश्यकता पर विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने आपदा के प्रति सजगता और समयबद्ध कार्रवाई को जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए महत्वपूर्ण बताया। द्वितीय सत्र में मंच का संचालन जतिन सिंह गहरवार ने किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनकी सहभागिता एवं उत्साह को प्रोत्साहित किया गया।

संगोष्ठी में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज, शैक्षणिक संस्थानों और जागरूक नागरिकों की साझा जवाबदेही है। आपदा से पहले तैयारी, संकट के दौरान समन्वित कार्रवाई तथा आपदा के बाद राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया में युवाओं की सक्रिय भागीदारी प्रभावी आपदा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।कार्यक्रम के समापन अवसर पर संगोष्ठी के आयोजक उदय प्रकाश मिश्रा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी के माध्यम से युवाओं को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में युवा स्वयंसेवक उदय मिश्रा, प्रशांत तिवारी, पंकज विश्वकर्मा, एवं जतिन सिंह की भागीदारी रही।


Created On :   13 Oct 2026 6:11 PM IST

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