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रीवा न्यूज: सीएमएचओ कार्यालय के स्थापना शाखा के बाबू पर कर्मचारी से कथित रिश्वत लेने के गंभीर आरोप, मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

डिजिटल डेस्क रीवा।
भारतीय किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वर चंद्र त्रिपाठी ने सीएमएचओ कार्यालय में स्थापना शाखा का कार्य देख रहे मनोज तिवारी पर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग को लेकर कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपने की बात कही है। यूनियन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने सख्त लहजे में कहा कि जरूरत पड़ने पर स्थापना शाखा का कार्य देख रहे मनोज तिवारी द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच होने तक सीएमएचओ कार्यालय के सामने गांधीवादी तरीके से धरने पर भी बैठेंगे। ईश्वर चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि सरकार पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के कितने भी दावे करे, लेकिन सरकारी दफ्तरों में बैठे कुछ कर्मचारियों पर नियमों को ताक पर रखकर काम करने के आरोप लगातार सामने आते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला रीवा के सीएमएचओ कार्यालय की स्थापना शाखा से सामने आया है। यहां एक कर्मचारी के करीब 6 लाख रुपये के एरियर से जुड़े काम को लेकर कथित तौर पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लिए जाने का आरोप है।
उन्होंने बताया कि 24 अगस्त सोमवार को एरियर निकलवाने के सिलसिले में कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों ने स्थापना शाखा में कार्यरत बाबू को कथित तौर पर 500-500 रुपये के 10 नोट, यानी कुल 5 हजार रुपये दिए। आरोप है कि रकम लेने के दौरान संबंधित कर्मचारी ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि यह 5 हजार रुपये हैं। इसके बाद स्थापना शाखा का काम देख रहे मनोज तिवारी बाबू ने भरोसा दिलाया कि कर्मचारी का करीब 6 लाख रुपये का एरियर निकलवा दिया जाएगा। मामला सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि किसी कर्मचारी के वैध एरियर के भुगतान के लिए भी कथित तौर पर पैसे देने पड़ रहे हैं, तो फिर शासन की पारदर्शी व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ किए जा रहे दावों का क्या मतलब रह जाता है।
जांच हुई तो खुल सकता है पूरा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि भ्रष्टाचार मे लिप्त बाबू द्वारा ई एल स्वीकृति मे भी 500 से 1000 रुपए लिया जाता है। हाल ही मे 7 अक्टूबर को लगभग 12 बजे दो नर्सिंग ऑफिसर से ईएल स्वीकृत के नाम पर 500 रुपए लिया गया। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार जांच करके कार्रवाई होना आवश्यक है।
Created On :   12 Oct 2026 6:50 PM IST












