‘बिदादी टाउनशिप परियोजना’ को लेकर 17 जुलाई को भाजपा का विरोध-प्रदर्शन चलवाडी नारायणस्वामी
बेंगलुरु, 16 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के फ्रीडम पार्क में ‘बिदादी टाउनशिप परियोजना’ के विरोध में भाजपा के बैनर तले 17 जुलाई को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों के बीच इस परियोजना को लेकर भारी रोष है, जिसे देखते हुए अब भाजपा ने इस प्रदर्शन का ऐलान किया है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने आईएएनएस से बातचीत में यह जानकारी दी।
उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि इस परियोजना को चिक्कबल्लापुर पर शुरू किया जा सकता है, जहां पर सस्ते दाम पर जमीन भी मिल जाएगी। वहां की जमीन उपजाऊ नहीं हैं और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के भी करीब है। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार के लिए यह सही रहेगा कि इस परियोजना को उसी जगह पर उतारा जाए।
उन्होंने सीएम डीके शिवकुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आप ऐसा कहकर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकते हैं कि इस परियोजना की शुरूआत तत्कालीन सीएम के नेतृत्व में की गई थी, तो हमारा इससे कोई सरोकार नहीं है। मान लेते हैं कि इस परियोजना को तत्कालीन सीएम के कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था। लेकिन, जब इसे लेकर किसानों में आक्रोश है, तो आप इसे जारी क्यों रखना चाहते हैं? आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? यह एक विफल परियोजना है। क्या आप विफल परियोजना को आगे ले जाकर सफल हो सकते हैं? जवाब बिल्कुल स्पष्ट है कि नहीं हो सकते हैं। इससे केवल रियल स्टेट एजेंट को फायदा होगा, क्योंकि वो अपने काले धन को सफेद करना चाहते हैं।
उन्होंने साफ किया कि हमें इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि कांग्रेस की ओर से सीएम पद की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है। जनता जनार्दन ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है। ऐसी स्थिति में उन्हें सरकार बनाने का पूरा हक है। हम उन्हें नहीं रोकेंगे। कांग्रेस को पांच साल का समय दिया गया है। मेरा बस कुल मिलाकर यही कहना है कि लोगों को गुमराह नहीं किया जाए। जिन लोगों ने मुडा के तहत 14 साइट्स लिए थे, वे भी जेल नहीं गए। मैं डीके शिवकुमार को यही कहना चाहूंगा कि अगर उनके जीवन में किसी भी तरह से जेल जाने की नौबत आती है, तो हम उनके पक्ष में खड़े होंगे। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि उन्हें किसी भी कीमत पर जेल नहीं जाने देंगे।
इसके अलावा, उन्होंने आरसीबी की जीत मामले में हुई भगदड़ के बाद पुलिस अधिकारियों का निलंबन वापस किए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब यह आरसीबी की जीत का उत्सव मनाना चाह रहे थे, तो वो निश्चित तौर पर खेल के प्रति रूझान को दर्शाता है। लेकिन, कर्नाटक सरकार ने इस पूरे मामले में एक बड़ी गलती कर दी कि उन्होंने आरसीबी की जीत का उत्सव विधानसभा के आसपास मनाने का फैसला कर लिया। पुलिस सिक्योरिटी देने के लिए तैयार नहीं थी। इसके बावजूद भी सरकार आरसीबी का उत्सव मनाने के लिए आतुर नजर आ रही थी। इन लोगों की गलतियों की वजह से 11 लोग भगदड़ में मारे गए। लेकिन, इनके मन में कोई पीड़ा नहीं है और अब आप निलंबन का आदेश वापस लेना चाहते हैं, तो मेरा यही सवाल है कि आप किसे जिम्मेदार ठहराएंगे?
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Created On :   16 July 2026 5:21 PM IST












