ट्रंप का ईरान से सकारात्मक बातचीत का दावा, पूर्व शीर्ष अधिकारी केंट बोले- इजरायल पर लगाएं लगाम

ट्रंप का ईरान से सकारात्मक बातचीत का दावा, पूर्व शीर्ष अधिकारी केंट बोले- इजरायल पर लगाएं लगाम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए ईरान के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत जारी है। ट्रुथ पर अपनी राय जाहिर करने के बाद से ही कई सवाल उनसे पूछे जाने लगे हैं। ट्रंप प्रशासन का अहम हिस्सा रहे पूर्व अधिकारी जो केंट ने खास मशविरा भी दिया है।

वाशिंगटन, 23 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए ईरान के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत जारी है। ट्रुथ पर अपनी राय जाहिर करने के बाद से ही कई सवाल उनसे पूछे जाने लगे हैं। ट्रंप प्रशासन का अहम हिस्सा रहे पूर्व अधिकारी जो केंट ने खास मशविरा भी दिया है।

काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के पूर्व निदेशक ने 'इजरायली लॉबी' का जिक्र अपने इस्तीफे में किया था। उन्होंने उसी ओर ध्यान दिलाने की कोशिश करते हुए एक्स पर सवाल पूछा है। ट्रंप की पोस्ट को शेयर करते हुए सलाह दी कि "अगर तनाव कम करना है तो पहले इजरायलियों पर लगाम लगानी होगी," नहीं तो एक तरह का पैटर्न ही फॉलो किया जाएगा।

इसके बाद जो ने वो पैटर्न समझाया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ठपोटस (प्रेसिडेंट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स) सबके समक्ष तनाव कम करने की बात करते हैं। फिर इजरायल बातचीत को खत्म करने के लिए बड़े हमले करता है, और बदले में हमारी कोशिश कमजोर पड़ जाती है। नतीजतन संघर्ष और बढ़ जाता है।"

जो केंट ने 17 मार्च को हमले का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और अपने दर्द जाहिर करते हुए संघर्ष के औचित्य पर सवाल खड़े किए थे। यह खत उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर किया, जिसमें ईरान पर एयर स्ट्राइक को गैरजरूरी बताते हुए इसे इजरायल के दबाव में किया गया हमला करार दिया है।

उन्होंने इसे अंतरात्मा की आवाज पर उठाया गया कदम करार देते हुए लिखा, " काफी सोच-विचार के बाद, मैंने नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। मैं अपनी जमीर के खिलाफ जाकर ईरान में चल रहे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता।"

केंट के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों और अमेरिकी मीडिया के प्रभावशाली लोगों ने मिलकर 'गलत जानकारी फैलाने का अभियान' चलाया, ताकि माहौल ऐसा बने कि ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया जाए।

खत के अंत में उन्होंने राष्ट्रपति से इस रास्ते को छोड़ने की गुहार लगाई है। कहा, "अब साहसिक कदम उठाने का समय आ गया है। आप अपना रास्ता बदल सकते हैं और हमारे देश के लिए एक नया मार्ग चुन सकते हैं, या फिर आप हमें पतन और अराजकता की ओर और भी ज्यादा फिसलने दे सकते हैं। अब सब कुछ आपके ही हाथों में है।"

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Created On :   23 March 2026 8:43 PM IST

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