यूपी की मतदाता सूची पर सपा ने उठाए सवाल, 403 सीटों के हर बूथ की जांच की मांग

यूपी की मतदाता सूची पर सपा ने उठाए सवाल, 403 सीटों के हर बूथ की जांच की मांग
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन आयोग के सामने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने दावा किया है कि प्रदेश की 100 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची की पड़ताल के दौरान हजारों डुप्लीकेट मतदाता दर्ज मिले हैं।

लखनऊ, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन आयोग के सामने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने दावा किया है कि प्रदेश की 100 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची की पड़ताल के दौरान हजारों डुप्लीकेट मतदाता दर्ज मिले हैं।

सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इन नामों का सत्यापन कराने और एक ही मतदाता के अनावश्यक रूप से दर्ज नामों को हटाने की मांग की है।

प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को संबोधित ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने मांग की कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को पारदर्शी, निष्पक्ष, स्वतंत्र और निर्भीक तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के प्रत्येक बूथ पर मतदाता सूची की जांच कराई जाए। ज्ञापन में सपा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को शुद्ध करने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू करने की बात कही थी।

इसके बावजूद 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई 166 दिन की प्रक्रिया के बाद भी विधानसभा क्षेत्रों के बूथों पर बड़ी संख्या में डुप्लीकेट नाम दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। पार्टी ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर सत्यापन जरूरी है।

समाजवादी पार्टी ने अपने ज्ञापन में कन्नौज, इटावा और श्रावस्ती की विधानसभा सीटों से कथित डुप्लीकेट प्रविष्टियों के उदाहरण भी दिए हैं। पार्टी के मुताबिक, कन्नौज जिले की छिबरामऊ विधानसभा सीट में कुछ मतदाताओं के नाम दो से तीन बार दर्ज मिले हैं। इनमें नीतू और मीरा गुप्ता के नाम तीन-तीन बार दर्ज होने का दावा किया गया है। इसी तरह प्रखर बैस का नाम भी तीन बार और मुनेश का नाम दो बार दर्ज होने की बात कही गई है।

पार्टी का दावा है कि इन प्रविष्टियों में अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) नंबर दर्ज हैं। इटावा जिले की जसवंतनगर विधानसभा सीट के संबंध में सपा ने दीपिका पाल, हिमेश बाबू, शिवानी और आरती के नामों का उल्लेख करते हुए इनके नाम मतदाता सूची में तीन-तीन बार दर्ज होने का दावा किया है। वहीं, श्रावस्ती विधानसभा सीट के मामले में रोशन लाल और अनीश के नाम चार-चार बार तथा रिजवान के नाम तीन बार दर्ज होने की बात कही गई है। पार्टी ने इन उदाहरणों के आधार पर संबंधित मतदाता प्रविष्टियों का सत्यापन कराने की मांग की है।

ज्ञापन में सहारनपुर, मथुरा, आगरा, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, उन्नाव, लखनऊ, सुल्तानपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर नगर, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र समेत विभिन्न जिलों की विधानसभा सीटों का उल्लेख किया गया है।

सपा ने दावा किया है कि इन क्षेत्रों के विभिन्न मतदान केंद्रों पर भी बड़ी संख्या में डुप्लीकेट मतदाता दर्ज हैं। लखनऊ जिले की मलिहाबाद, बख्शी का तालाब, सरोजनीनगर, लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तरी, लखनऊ पूर्व, लखनऊ मध्य और लखनऊ कैंट विधानसभा सीटों को भी पार्टी ने अपनी सूची में शामिल किया है। पार्टी ने निर्वाचन अधिकारियों से आग्रह किया है कि प्रत्येक संदिग्ध प्रविष्टि की जांच कर मतदाता के वास्तविक निवास और अन्य विवरणों का सत्यापन किया जाए। सत्यापन के बाद ही एक ही मतदाता के अनावश्यक रूप से दर्ज अतिरिक्त नाम हटाए जाएं, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से बाहर न हो।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। सपा ने मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करना स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन के लिए आवश्यक है।

--आईएएनएस

विकेटी/एमएस

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Created On :   12 Oct 2026 7:01 PM IST

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