भारत का पहला गांव वाइब्रेंट विलेज योजना से विकास को मिली नई रफ्तार, सुविधाओं के विस्तार से बदल रही तस्वीर
चमोली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित उत्तराखंड के चमोली जिले का सीमांत गांव माणा अब विकास की नई कहानी लिख रहा है। केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी पहल के तहत माणा गांव में सड़क, बिजली, पानी, संचार, पर्यटन और रोजगार से जुड़े कई कार्यों को गति मिली है, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
माणा गांव सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक यहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाओं के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। वाइब्रेंट विलेज योजना का उद्देश्य सीमांत गांवों में बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर तैयार करना है।
योजना के अंतर्गत माणा गांव में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने, बिजली आपूर्ति को मजबूत करने, पेयजल सुविधाओं के विस्तार और दूरसंचार सेवाओं को सुलभ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन सुविधाओं के विकास से ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पहले की तुलना में अधिक सहूलियत मिल रही है।
माणा गांव में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। बद्रीनाथ धाम के निकट स्थित होने के कारण यहां बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से होम स्टे, स्थानीय हस्तशिल्प, छोटे व्यवसाय और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। इससे ग्रामीणों को आय के नए साधन उपलब्ध हो रहे हैं।
स्थानीय निवासी राजेंद्र मौल्फा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत गांव में कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। माणा में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए अराइवल प्लाजा का निर्माण किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटकों के बैठने और अन्य व्यवस्थाओं की सुविधा होगी। इसके अलावा माता मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य भी चल रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।"
उन्होंने बताया, "अलकनंदा और सरस्वती नदियों के संगम क्षेत्र सहित आसपास के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों के विकास से माणा की पहचान और मजबूत हो रही है। इन परियोजनाओं से गांव में पर्यटन और रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे।"
केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और पलायन को रोकना भी है। सरकार का प्रयास है कि सीमावर्ती गांवों में सुविधाओं का विस्तार हो, जिससे लोग अपने गांवों में रहकर बेहतर जीवन और रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।
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Created On :   29 July 2026 7:38 PM IST











