घोषणा पर अमल: राज्य में विकास कार्यों पर अब एआई और जियो टैगिंग की नजर, सरकार लागू करेगी हाईटेक ऑडिट सिस्टम

राज्य में विकास कार्यों पर अब एआई और जियो टैगिंग की नजर, सरकार लागू करेगी हाईटेक ऑडिट सिस्टम
  • शिंदे की विधानसभा में की गई घोषणा पर अमल
  • नगर विकास विभाग ने बुधवार को शासनादेश जारी किया

Mumbai News. राज्य सरकार ने शहरी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं और नगर परिषदों में सरकारी निधि से किए जाने वाले विकास कार्यों की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जियो-टैगिंग और जीआईएस मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से की जाएगी। इस संबंध में नगर विकास विभाग ने बुधवार को शासनादेश जारी किया है। यह निर्णय राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा हाल ही में समाप्त हुए मानसून सत्र में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। विधानसभा में शिंदे ने कहा था कि शहरी स्थानीय निकायों में विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित ऑडिट प्रणाली चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।

विशेष अध्ययन समिति का गठन

सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए नगर परिषद प्रशासन संचालनालय के आयुक्त एवं निदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष अध्ययन समिति का गठन किया है। यह समिति पूरे तंत्र का अध्ययन कर एक महीने के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर राज्यभर में तकनीक आधारित ऑडिट व्यवस्था लागू करने की दिशा तय की जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का मानना है कि स्थानीय निकायों में सड़क, जलापूर्ति, सीवर, भवन और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर समय-समय पर घटिया निर्माण, अधूरे कार्य और सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद विकास कार्यों के प्रत्येक चरण पर डिजिटल निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे अनियमितताओं पर समय रहते रोक लगाई जा सकेगी और परियोजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

ऐसे होगा हाईटेक ऑडिट

नई प्रणाली के तहत विकास कार्यों की निगरानी और मूल्यांकन के लिए कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। एआई की मदद से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों की जांच की जाएगी। परियोजनाओं की सटीक लोकेशन और भौगोलिक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। प्रत्येक विकास कार्य की वास्तविक प्रगति को ऑनलाइन ट्रैक (जियो टैंगिंग) किया जाएगा, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि काम तय समय पर और निर्धारित स्थान पर हो रहा है या नहीं। निर्माण कार्यों की चरणबद्ध निगरानी कर किसी भी गड़बड़ी की तुरंत पहचान की जा सकेगी। सरकार इस ऑडिट प्रक्रिया को केवल सरकारी अधिकारियों तक सीमित नहीं रखेगी। इसमें आम नागरिकों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, स्वयंसेवी संगठनों, तकनीकी विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों और जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे विकास कार्यों का सामाजिक मूल्यांकन भी संभव होगा।

Created On :   29 July 2026 8:04 PM IST

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