Anti-Paper Leak Bill: 'छात्रों का गुस्सा कम नहीं हुआ, आंदोलन फिर शुरू...' घर पहुंचते ही अभिजीत दीपके की बड़ी प्रतिक्रिया

छात्रों का गुस्सा कम नहीं हुआ, आंदोलन फिर शुरू... घर पहुंचते ही अभिजीत दीपके की बड़ी प्रतिक्रिया
दिल्ली में हुए पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने घर पहुंच गए हैं। वे महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। दिल्ली में हुए पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने घर पहुंच गए हैं। वे महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल हुए स्टूडेंट आतंकवादी नहीं है। साथ कहा कि सरकार को उन्हें परेशान करना बंद करना चाहिए और समझ लेना चाहिए कि छात्रों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। अगर उनको लग रहा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से गुस्सा ठंडा हो जाएगा। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो इस आंदोलन की शुरुआत फिर की जाएगी और अब पिछले से काफी बड़ा होगा।

घर पहुंचने पर भव्य स्वागत

अभिजीत दीपके जब अपने घर पहुंचा तो वहां पर उनका भव्य स्वागत हुआ है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "घर आकर काफी खुशी मिल रही है। आज घर पर आराम से सो पाऊंगा। मां के हाथ का बना हुआ खाना खा पाऊंगा। उसकी बहुत खुशी है। उम्मीद करता हूं कि मीडिया मुझे अगले दो-तीन परेशान न करें तो मैं थोड़े दिन के लिए पहले की तरह नॉर्मल लाइफ जी पाऊं।"

एंटी पेपर बिल पर क्या बोले?

लोकसभा में बुधवार को एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया है। इस पर सीजेपी संस्थापक करते हैं, "मुझे लगता है बिल आते रहेंगे। जब तक लोगों की नीयत सही नहीं होती है तब तक कुछ नहीं हो सकता। इस देश में कई कानून अच्छे बने हुए हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात कही गई लेकिन पहले दिन सुनवाई ही नहीं हुई। कानून आप कैसे भी बना लो, जब तक उसको लागू करने वाले अच्छे नहीं हैं तो उसका क्या मतलब है?"

PM मोदी को लेकर दी प्रतिक्रिया

बातचीत के दौरान दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है, "वो इन्फ्लुएंसर बन जाएं, प्रधानमंत्री का काम कोई और कर लेगा।" इसके साथ ही बिहार के AK-47 बंदूक चलने के मामले पर कहा, "ये आतंकवादियों पर चलता था। ये सरकार छात्रों के खिलाफ एके-47 का इस्तेमाल कर रही है। अपने ही देश के युवाओं के साथ ये सरकार आतंकवादियों जैसा सलूक कर रही है। ये शर्म की बात है। ये सरकार अगर अभी भी नहीं सुधरती है तो चुनाव आ रहे हैं, इस देश के छात्र सुधार देंगे। ये न भूलें कि एक स्टूडेंट पर लाठी पड़ी तो उस घर में चार वोट हैं। नरेंद्र मोदी और अमित शाह बस वोट की भाषा समझते हैं। वक्त है अभी भी सुधर जाएं।"

Created On :   29 July 2026 7:41 PM IST

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