Abhijeet Dipke's Father Met Sanjay Shirsat: 'मंत्री बाद में पहले हमारे रिश्तेदार', संजय शिरसाट से मुलाकात के बाद अभिजीत दीपके के पिता ने दी प्रतिक्रिया

मंत्री बाद में पहले हमारे रिश्तेदार, संजय शिरसाट से मुलाकात के बाद अभिजीत दीपके के पिता ने दी प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री सजंय शिरसाट रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता भगवान शंकर दिपके से मिलने पहुंचे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री सजंय शिरसाट रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता भगवान शंकर दिपके से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सकहा कि शिरसाट उनके लिए पहले रिश्तेदार हैं, मंत्री बाद में। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान शिरसाट ने जानबूझकर उनसे दूरी बनाए रखी ताकि किसी तरह का गलत संदेश न जाए। अब घर जाकर उन्होंने अपने मन का बोझ हल्का किया। इससे उन्हें भी काफी सुकून मिला।

भगवान शंकर दिपके ने कहा, "यह हमारे लिए मंत्री बाद में हैं, पहले हमारे रिश्तेदार थे। तो मैं यही सोच रहा था कि सर फोन क्यों नहीं कर रहे? घर पर क्यों नहीं आ रहे? लेकिन उनकी जो सोच है, उस पर मुझे गर्व है। उन्होंने कहा कि अगर मैं बीच में आपको फोन करता या आपसे मिलने आता, तो दूसरे लोग उसका गलत मतलब निकालते।"

उन्होंने आगे कहा, "देखिए, उनके दिल में मिलने की इच्छा होने के बावजूद भी, सब लोगों का ध्यान रखते हुए वे मुझसे मिलने नहीं आए। लेकिन उनके दिल में भी यह जरूर रहा होगा कि मैं इतना करीब होने के बावजूद उनसे मिल नहीं सकता, उन्हें फोन तक नहीं कर सकता। इस बात का उन्हें भी कितना दर्द हुआ होगा। आज वे अपना दिल हल्का करने के लिए हमारे घर आए हैं। उनके आने से मुझे बहुत अच्छा लगा।"

सीजेपी प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके को नहीं लगाया फोन - भगवान शंकर दिपके

भगवान शंकर दिपके ने बताया कि पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्होंने किसी को फोन नहीं किया। उन्होंने कहा, "मैं तो पूरे समय सिर्फ WhatsApp पर ही बात कर रहा था। मैंने न लैंडलाइन से और न ही मोबाइल से किसी को फोन किया, क्योंकि बहुत लोगों ने ऐसा करने से मना किया था। IG साहब ने भी कहा था कि थोड़ा संभलकर रहो। पुलिस अधिकारियों ने भी यही सलाह दी थी। इसलिए मैं ज्यादा किसी से बात नहीं करता था।"

उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने खुद मंत्री संजय शिरसाट से भी संपर्क नहीं किया। उनके मुताबिक, "साहब को भी मैंने फोन नहीं किया। मैंने किसी को भी फोन नहीं किया। लेकिन मेरे मन में यह बात जरूर आती थी कि दूसरे लोग मुझे फोन कर रहे हैं, आकर मिल रहे हैं, तो मेरे इतने नजदीक होकर भी ये क्यों नहीं मिल रहे। यह बात मेरे दिल में थी। मुझे लगता है कि इस बात की तकलीफ उनके दिल में भी रही होगी। इसलिए आज जब वे मेरे घर आए, तो मुझे बहुत अच्छा लगा।"

Created On :   26 July 2026 9:30 PM IST

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