Karnataka Politics: 'कन्नड़ लोग शर्मिंदा...' प्रह्लाद जोशी शिक्षा मंत्री पद से दें तुरंत इस्तीफा, सिद्धारमैया ने क्यों की ये मांग?

कन्नड़ लोग शर्मिंदा... प्रह्लाद जोशी शिक्षा मंत्री पद से दें तुरंत इस्तीफा, सिद्धारमैया ने क्यों की ये मांग?
प्रह्लाद जोशी के भारत के शिक्षा मंत्री बनने के बाद से विपक्ष लगातार हमलावर बना हुआ है। इस बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने उनको इस्तीफा देने को कहा है।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। प्रह्लाद जोशी के भारत के शिक्षा मंत्री बनने के बाद से विपक्ष लगातार हमलावर बना हुआ है। इस बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने उनको इस्तीफा देने को कहा है। उनका कहना है कि इस निर्णय की वजह से कन्नड़ लोगों को काफी शर्मिंदा होना पड़ा है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए।

'दुष्कर्म के दोषियों का किया था बचाव'

सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, "हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए था, कि कर्नाटक का एक सांसद देश का शिक्षामंत्री बना है, लेकिन इसके बजाय पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रह्लाद जोशी को नियुक्त किया है। वह एक ऐसे सांसद हैं, जिन्होंने महिला के साथ दुष्कर्म के दोषियों का बचाव किया था। इससे कन्नड़ लोग शर्मिंदा हुए हैं।"

प्रधान और जोशी पर ये आरोप

पूर्व सीएम ने प्रह्लाद जोशी और धर्मेंद्र प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा, "जोशी और पद छोड़ रहे शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान विचारधारा के मामले में जुड़वां हैं। दोनों ने आरएसएस से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जरिए राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने कहा कि प्रह्लाद जोशी पद छोड़ रहे शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से अलग नहीं हैं। विचारधारा के मामले में वे जुड़वां हैं। दोनों ने आरएसएस से जुड़ी एबीवीपी के जरिए राजनीति में कदम रखा। मुसलमानों हिलाओं, दलितों, गरीबों, पिछड़े समुदायों, और ईसाइयों के प्रति आरएसएस जैसी सोच रखते हैं। इसलिए प्रधान की जगह जोशी को लाया गया है। सिर्फ चेहरा बदला है। दिशा वही है। वह भी आरएसएस के निर्देशों के अनुसार ही काम करेंगे।"

सदन में असलियत सबके सामने

कांग्रेस नेता कहते हैं, "कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद में यह मुद्दा उठाया था। मांग की थी कि जोशी को शिक्षा मंत्रालय से हटाया जाए। अब हमारी चिंता यह है कि ऐसी सोच वाले व्यक्ति के नेतृत्व में देश की शिक्षा व्यवस्था का क्या होगा। विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में प्रह्लाद जोशी की असलियत सामने रखी है। देश के सामने सच रखा है। संसद के भीतर उनकी आवाज भले ही दबा दी जाए, लेकिन देशभर के करोड़ों लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। हो सकता है कि जल्द ही जोशी भी धर्मेंद्र प्रधान वाले रास्ते पर ही चलें।"

Created On :   29 July 2026 8:15 PM IST

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