राजनीति गरमाई: नवनाथ बन ने कहा - ठाकरे को मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू गिफ्ट किसने की इसकी हमें पूरी जानकारी

नवनाथ बन ने कहा - ठाकरे को मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू गिफ्ट किसने की इसकी हमें पूरी जानकारी
  • मर्सिडीज-बीएमडब्ल्यू पर छिड़ी सियासी जंग
  • राऊत बोले प्रधानमंत्री के काफिले में हैं बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी गाड़ियां

Mumbai News. मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा छह महीने पहले खरीदी गई स्कॉर्पियो गाड़ियों के बावजूद अब इनोवा कारें खरीदने के प्रस्ताव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव) सांसद संजय राऊत ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री अपने काफिले में बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी महंगी गाड़ियों के साथ चलते हैं तो नीचे तक उसी संस्कृति का असर दिखाई देता है। राऊत के इस बयान के बाद भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। प्रदेश पार्टी मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिवसेना (उद्धव) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे और विधायक आदित्य ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि हमें सब कुछ पता है कि ठाकरे को मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू कारें गिफ्ट किसने की हैं।

संजय राऊत ने क्या कहा?

बीएमसी द्वारा नई इनोवा गाड़ियां खरीदने के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली में राऊत ने कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व खुद बड़े-बड़े काफिलों और लग्जरी वाहनों के साथ चलता है, तो उसी सोच का प्रभाव नीचे तक दिखाई देता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के काफिले में जब बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी गाड़ियां होंगी तो सरकारी तंत्र में भी वैसी ही प्रवृत्ति विकसित होगी। प्रदेश भाजपा के नवनाथ बन ने राऊत के बयान को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना उद्धव ठाकरे से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, जबकि उद्धव ठाकरे इस समय किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि उद्धव और आदित्य के काफिलों में कितनी बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज गाड़ियां हैं, इसकी जानकारी पहले महाराष्ट्र की जनता को दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री नहीं फिर भी लग्जरी कारों में चलते हैं

नवनाथ बन ने कहा कि जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब उनके काफिले में कौन-कौन सी गाड़ियां थीं, यह सबको पता है। अब मुख्यमंत्री पद पर न होने के बावजूद वे और आदित्य ठाकरे मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी गाड़ियों में चलते हैं। बन ने यह भी सवाल उठाया कि इन गाड़ियों की व्यवस्था किसके पैसों से हुई और उनका स्रोत क्या है, ये जानकारी हमें है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास उन लग्जरी कारों की जानकारी है, जो कथित तौर पर उनको उपहार के रूप में मिली हैं। बन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीआईपी काफिलों को सीमित रखने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने काफिले का आकार घटाया। उनके अनुसार अब मुख्यमंत्री के काफिले में केवल तीन से चार गाड़ियां रहती हैं और उनमें भी बीएमडब्ल्यू या मर्सिडीज जैसी लग्जरी कारें शामिल नहीं हैं।

Created On :   29 July 2026 8:09 PM IST

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