राज्यसभा: केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा - एवीएन के कारण खत्म हो सकती है चलने-फिरने की क्षमता

New Delhi News. कूल्हे के जोड़ में एडवांस एवैस्कुलर नेक्रोसिस (एवीएन) के कारण चलने-फिरने की क्षमता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने बुधवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। राज्यसभा में भाजपा सांसद डॉ मेधा कुलकर्णी के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बीएल वर्मा ने बताया कि एवीएन के पात्र मामलों का मूल्यांकन गतिविषयक (लोकोमोटर) दिव्यांगता की श्रेणी के अंतर्गत किया जाता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल तथा लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों जैसे संस्थान पात्र एवीएन मामलों मे गतिविषयक दिव्यांगता की श्रेणी के अंतर्गत दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एवैस्कुलर नेक्रोसिस को विनिर्दिष्ट दिव्यांगताओं की सूची में शामिल करने के प्रस्ताव की उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति द्वारा समीक्षा की गई थी। समिति का मत था कि एवीएन के कारण उत्पन्न कोई भी दिव्यांगता गतिविषयक दिव्यांगता की श्रेणी में आती है, जो पहले से ही मान्यता प्राप्त दिव्यांगता है। उन्होंने बताया कि एवीएन से ग्रस्त किसी व्यक्ति का दिव्यांगता प्रमाणीकरण हो जाने पर वह दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र प्राप्त करने का पात्र हो जाता है। उसे गतिविषयक दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध सभी स्वीकार्य लाभ, आरक्षण एवं रियायतें प्राप्त होती हैं।
Created On :   29 July 2026 6:57 PM IST












