योग न्यूनतम बजट में ऊच्च जीवनशैली का सर्वोत्तम उपाय पीएम नरेंद्र मोदी

योग न्यूनतम बजट में ऊच्च जीवनशैली का सर्वोत्तम उपाय पीएम नरेंद्र मोदी
प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026 का आयोजन अहमदाबाद में 4 जून से 8 जून तक होना है। गुरुवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से आधिकारिक तौर पर योगा में अपने तरह की इस पहली चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने योगासन को न्यूनतम बजट में ऊच्च जीवनशैली का सर्वोत्तम उपाय कहा।

अहमदाबाद, 4 जून (आईएएनएस)। प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026 का आयोजन अहमदाबाद में 4 जून से 8 जून तक होना है। गुरुवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से आधिकारिक तौर पर योगा में अपने तरह की इस पहली चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने योगासन को न्यूनतम बजट में ऊच्च जीवनशैली का सर्वोत्तम उपाय कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा, "21 जून को विश्व योगा दिवस मनाया जाएगा। इस दिन दुनिया के अलग-अलग देशों में योग से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इस बार मुख्य कार्यक्रम भारत के एक और ऐतिहासिक शहर कोलकाता में होगा। विश्व योगा दिवस से पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप हेल्थ और वेलनेस की डबल डोज की तरह है।"

उन्होंने कहा, "लोग ऐसे उपायों की तलाश में हैं जो उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखे। योग इसका सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। योग भोग से भी मुक्ति देता है और रोग से भी मुक्ति देता है। सबसे अहम यह है कि न्यूनतम बजट में ऊच्च जीवनशैली का यह सर्वोत्तम उपाय है। इसलिए सभी को यह मंत्र याद रखना है कि 'हर रोज योग, भगाएगा सब रोग'।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "एक दशक पहले भारत संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव लेकर गया था। हम प्राचीन भारतीय परंपरा को पूरी मानवता के स्वास्थ्य और सामूहिक कल्याण से जोड़ना चाहते थे। यूएन में 190 देशों ने भारत के इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। यह देखकर खुशी होती है कि करोड़ों लोग योग को अब अपने जीवन का हिस्सा बना चुके हैं। ध्यान, प्राणायाम उनकी जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है।"

प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026 में 60 देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिभागियों को अपने खास संदेश में पीएम ने कहा, "भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योगा 365 शुरू किया है। मैं इस विश्व योगासन चैंपियनशिप में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों से भी आग्रह करूंगा। जब आप अपने देशों में लौटें तो योग के संदेश को साथ लेकर लौटें। आप सभी अपने देशों में 'योगा 365' के दूत बन सकते हैं। आपका अनुभव और आपका विश्वास पूरे विश्व को इस संदेश से जोड़ सकता है।"

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Created On :   4 Jun 2026 8:51 PM IST

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