मॉनसून सत्र: नहीं बदला जाएगा बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम, उच्च शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस विधायक के सवाल में विधानसभा में दी जानकारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम अब नहीं बदला जाएगा। पिछले कुछ महीनों से विश्वविद्यालय के नाम को लेकर काफी कंट्रोवर्सी बनी रही।
आपको बता दें विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम "मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय" करने का एक प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार और कुलाधिपति के पास भेजा। इसे लेकर बीजेपी -कांग्रेस में काफी टकराव देखने को मिला। लेकिन सरकार ने अब विधानसभा में नाम बदलाव को लेकर साफ मना कर दिया।
इसे लेकर कांग्रेस विधायक आतिफ आरिफ अकील ने विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन को लेकर विधानसभा के मॉनसून सत्र में सरकार से सवाल किया। सरकार की ओर से उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने जवाब में बीयू का नाम परिवर्तन को लेकर साफ तौर पर इनकार कर दिया।
आपको बता दें कांग्रेस विधायक ने विश्वविद्यालय नाम परिवर्तन को लेकर उच्च शिक्षा विभाग से कुछ प्रश्नों के सवाल किए, तारांकित प्रश्न 399 में विधायक ने उच्च शिक्षा मंत्री से पूछा (क) क्या शासन द्वारा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का निर्णय लिया गया है ? यदि हाँ तो क्या नाम रखा जाना प्रस्तावित है ? बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1988 के लगभग 35 वर्ष पश्चात् विश्वविद्यालय का नाम बदलने में सरकार की मंशा क्या है ? (ख) उपरोक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में भारत के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलनों में महान क्रांतिकारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डॉ. बरकतउल्ला भोपाली को क्या सरकार स्वतंत्रता संग्राम सैनानी मानती है ? यदि हाँ तो क्या एक स्वतंत्रता संग्राम सैनानी के नाम पर संचालित विश्वविद्यालय का नाम बदलना उचित है ? (ग) प्रश्नांश "क", "ख" के परिप्रेक्ष्य में किसी विश्वविद्यालय का नाम बदलने की नियम / प्रक्रिया क्या है ? विश्वविद्यालय का नाम बदलने के लिये प्रस्ताव / स्वीकृति किन-किन के द्वारा दी जाती है ? नियमों की प्रति जानकारी दें।
उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने अपने जवाब में कहा (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। उत्तरांश 'क' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) किसी विश्वविद्यालय का नाम बदलने के लिए उसको शासित करने वाले अधिनियम में संशोधन विधेयक के माध्यम से करना होता है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 'अ' अनुसार है।
Created On :   20 July 2026 12:03 PM IST















