सीटों पर सियासी चर्चा: परिसीमन बिल पर DMK ने रखी अपनी बात, महिला आरक्षण-दक्षिण भारत की सीटों को लेकर बताई शर्त

परिसीमन बिल पर DMK ने रखी अपनी बात, महिला आरक्षण-दक्षिण भारत की सीटों को लेकर बताई शर्त
परिसीमन को लेकर डीएमके ने अपनी शर्तें रखी हैं। पार्टी महिला आरक्षण जल्द लागू करने, दक्षिण भारत की हिस्सेदारी बचाने और लोकसभा सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी चाहती है।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक में परिसीमन को लेकर डीएमके के रुख की चर्चा हुई। आरएसपी सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने कहा कि डीएमके ने परिसीमन बिल का समर्थन किया है। वहीं, डीएमके सांसद तिरुची शिवा ने कहा कि सरकार की तरफ से अभी कोई साफ प्रस्ताव सामने नहीं आया है। इसलिए पार्टी इस मामले में सरकार से पूरी जानकारी चाहती है। डीएमके ने महिला आरक्षण, लोकसभा सीटों की संख्या और दक्षिण भारत के राज्यों की हिस्सेदारी को लेकर भी अपनी बात रखी। पार्टी चाहती है कि कोई भी फैसला लेने से पहले इन सभी बातों को साफ किया जाए।

मौजूदा सीटों पर लागू हो महिला आरक्षण

एबीपी के मुताबिक, डीएमके ने बैठक में कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने के लिए परिसीमन का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। इसे लोकसभा की अभी जितनी सीटें हैं, उन्हीं के आधार पर लागू किया जा सकता है। पार्टी चाहती है कि महिलाओं को आरक्षण जल्द मिले और इसे सीटों के नए बंटवारे से न जोड़ा जाए।

दक्षिण भारत की हिस्सेदारी कम नहीं होनी चाहिए

डीएमके का कहना है कि परिसीमन के कारण दक्षिण भारत के राज्यों को नुकसान नहीं होना चाहिए। सरकार पहले साफ बताए कि उसका प्रस्ताव क्या है। अगर नए परिसीमन से दक्षिण के राज्यों की राजनीतिक हिस्सेदारी कम होने की स्थिति बनती है तो पार्टी इसे अगले 25 साल तक टालने की बात पर भी विचार चाहती है।

लोकसभा की सीटें 50 फीसदी बढ़ाने की मांग

एबीपी के मुताबिक, डीएमके चाहती है कि नए बिल में लोकसभा की सीटें 50 फीसदी बढ़ाने की बात साफ तौर पर लिखी जाए। गृह मंत्री अमित शाह पहले लोकसभा में इसे लेकर मौखिक भरोसा दे चुके हैं। पार्टी का कहना है कि अगर यह बात बिल में शामिल होती है तो वह इस पर सकारात्मक रुख अपना सकती है। फिलहाल सरकार ने मानसून सत्र में इस बिल को पेश करने की सूची में शामिल नहीं किया है।

Created On :   19 July 2026 2:51 PM IST

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