Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी को लेकर NDA में फूट के संकेत? CM के बयान पर जीतन राम मांझी ने दिया करार जवाब

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में शराबबंदी को लेकर राजनीति तेज हो गई है। एनडीएम में इसको समाप्त करने के लिए लगातार नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं। जेडीयू विधायक अनंत सिंह इस कानून को खत्म करने की मांग पहले ही कर चुके हैं। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के एमएलए माधव आनंद भी लगातार बयान दे रहे हैं। वहीं, इस मामले में पहले ही केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी समीक्षा की बात कर चुके हैं। इन सबके बीच बिहार के नए मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि शराबबंदी को नहीं हटाया जाएगा और इस पर पुनर्विचार करने की कोई बात ही नहीं है। इस पर मांझी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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CM के बयान पर केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?
जीतन राम मांझी ने शनिवार को मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, "सम्राट जी को बने (मुख्यमंत्री) दो-चार-पांच दिन हुआ ही है। ये लोग आपस में विचार करेंगे, समीक्षा करेंगे। लाभ हानि के बारे में सोचकर निर्णय लेंगे।" उन्होंने आगे कहा कि जहां तक हमारी बात आती है तो हमारा जो स्टैंड पहले भी रहा है वही आज भी है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कोई बुरी बात नहीं है, यह नीति भी ठीक है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी देखने को मिली है। जिसके चलते गरीब लोगों के कानून कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
मांझी ने समीक्षा करने की बताई वजह
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि शराबबंदी कानून की समीक्षा क्यों करनी चाहिए? उन्होंने आगे कहा, "शराबबंदी के चलते जो जल्दीबाजी में शराब बनाते हैं उसमें वे लोग यूरिया और क्या-क्या मिलाकर दो घंटे में बना देते हैं। यही कारण है कि गरीब तबके के जो लोग शराब पीते हैं वो 50-60 साल में मर जाते हैं। यानी गरीब को दोनों तरफ से घाटा है, इसलिए समीक्षा करनी चाहिए। शराब नीति पर समीक्षा करनी चाहिए और इसके क्रियान्वयन को ठीक करना चाहिए इससे राज्य को वित्तीय कोष में भी फायदा होगा।"
Created On :   19 April 2026 2:08 AM IST














