UP News: यूपी में बिजली बिल पर 10% फ्यूल सरचार्ज को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार से किए कड़े सवाल, चार्ज को बताया अनुचित

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली के बिल पर दस प्रतिशत तक फ्यूल सरचार्ज लगाया जा रहा है। जिसको लेकर आजाद समाज पार्टी के मुखिया और नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स्ट्रा चार्ज लगाए जाने पर नाराजगी जताई है और कहा है कि इसके कारण ही सामान्य लोगों के लिए बिजली का बिल भरना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो गया है।
फ्यूल सरचार्ज और एफपीपीए चार्ज पर क्या बोले सांसद?
चंद्रशेखर आजाद ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया है और लिखा है कि उत्तर प्रदेश में बिजली बिलों पर 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज और एफपीपीए चार्ज के नाम पर की जा रही एक्स्ट्रा वसूली अब गंभीर जनचिंता का विषय बन रही है। महंगाई के दौर में घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और उद्योगों पर अचानक से डाला गया एक्स्ट्रा बोझ है। ये बोझ बहुत ही ज्यादा अनुचित और अन्यायपूर्ण है।
बिजली खरीदी से ज्यादा मूल्य पर बेची जा रही- सांसद
उन्होंने आगे कहा है कि जिन दरों पर बिजली खरीदी जा रही है, उससे कई गुना ज्यादा मूल्य पर बेची जा रही है। ऐसी आवश्यक सेवा में सीमित लागत वृद्धि का पूरा भार सीधे उपभोक्ताओं पर डालना सही नहीं है। बिजली विभाग पहले से ही ज्यादा इंट्रेस्ट वसूल रहा है और इसलिए ही ज्यादा लागत का समायोजन प्रबंधन सुधार और कार्यकुशलता बढ़ाकर किया जाना चाहिए और ना ही सीधे जनता पर बोझ डालना चाहिए। वहीं, प्रदेश में ऐसे कई परिवार हैं, जिनके लिए सामान्य बिजली बिल जमा करना भी आसान नहीं है। लोग अपने जरूरी खर्चों में कटौती करके बिल भरते हैं, फिर भी उन्हें एक्स्ट्रा सरचार्ज भरने से कोई भी राहत नहीं है।
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योगी सरकार से किया सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने कहा है कि ये बढ़ोतरी छोटे और मध्यम उद्योगों की कमर तोड़ देगी। उत्पादन लागत में बढ़ोतरी, प्रतिस्पर्धा में कमी और रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में हमारा सवाल ये है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कि थोड़ा सा खर्चा बढ़ने की सजा उपभोक्ता क्यों भुगतें?
चंद्रशेखर आजाद ने क्या की मांग?
चंद्रशेखर आजाद ने अपनी मांग रखी है। जिसमें 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज को तुरंत वापस या स्थगित किया जाए। छोटे उपभोक्ताओं और एमएसएमई इकाइयों को विशेष राहत दी जाए। बिल निर्धारण और अधिभार की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाएं। विद्युत वितरण कंपनियों के पास जमा अधिशेष धन से उपभोक्ताओं को राहत दी जाए जैसी मांगें शामिल हैं।
Created On :   21 Feb 2026 2:10 PM IST












