Women Reservation Bill: 'देश में महिलाओं की क्षमता पहले भी...' महिला आरक्षण बिल खारिज होने पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महिला आरक्षण से जुड़े बिलों के खारिज होने पर राजनीति गरमाई हुई हैं। इस मामले में लगातार विरोध प्रदर्शन और बयानबाजी देखने को मिल रही है। इसकी क्रम में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक बयान जारी करते हुए इसे बिल नहीं बताया है, बल्कि भाजपा की विचारधारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन और देश की महिलाओं को सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी नहीं बनाया है, बल्कि उन्हें विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला भी बनाया है।
एक दशक में हुआ काफी बदलाव
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीब, महिला, युवा और किसान को केंद्र में रखकर कार्य करेगी। महिला सशक्तिकरण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है और पिछले एक दशक में जो परिवर्तन देखने को मिला है, वह अभूतपूर्व है।"
उन्होंने आगे पीएम मोदी के द्वारा 15 अगस्त, 2024 को दिए गए संबोधन का जिक्र करते हुए कहा, "लाल किले से शौचालय निर्माण की बात करना एक क्रांतिकारी सोच थी, जिसने महिलाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और सुरक्षा को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण हुआ, जिससे बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता आई और महिलाओं को सम्मानजनक जीवन मिला।"
उज्ज्वला योजना पर क्या बोले?
जितेंद्र सिंह ने उज्ज्वला योजना पर कहा कि इसके तहत देश की करोड़ो महिलाओं को गैस सिलेडर मिले हैं, ताकि उन्हें धुएं से मुक्ति मिल सके। इसके साथ ही उनके स्वास्थ्य के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए इस योजना को लगाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि पहले महिलाएं घंटों चूल्हे के धुएं में काम करती रहती थीं, लेकि अब वह अपना समय बचाकर स्वरोजगार और अन्य गतिविधियों का हिस्सा बन रही है।
सरकार की महिला नीति पर दी प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री का कहना है, "देश में महिलाओं की क्षमता पहले भी मौजूद थी, लेकिन उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाए थे। मोदी सरकार ने नीतियों और योजनाओं के माध्यम से वह अवसर प्रदान किया, जिसका परिणाम आज सिविल सेवाओं, तकनीकी शिक्षा, शोध और रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में सामने आ रहा है। अब महिलाएं केवल भागीदारी नहीं कर रही हैं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं।"
Created On :   20 April 2026 2:37 AM IST














