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ABB और Amazon Web Services ने इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य की ओर कदम बढ़ाया

April 02nd, 2021 10:00 IST
ABB और Amazon Web Services ने इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य की ओर कदम बढ़ाया

हाईलाइट

  • ABB और Amazon Web Services ने इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य की ओर कदम बढ़ाया

ज्यूरिख और बंगलौर, भारत, 1 अप्रैल 2021 /PRNewswire/ -- ABB और Amazon Web Services (AWS) जो एक Amazon.com, Inc. की कंपनी है, ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के बेड़े के मैनेजमेंट के लिए क्लाउड बेस्ड मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने के लिए साझेदारी की घोषणा की है। यह सोल्यूशन इलेक्ट्रिक वाहनों के आदर्श रूप में इस्तेमाल को बढ़ावा देगा और ट्रांसपोर्ट बेड़े के इलेक्ट्रिफिकेशन के काम को आसान बनाएगा। इससे दुनिया भर में ऑपरेटरों को अपने मौजूदा फ्‍लीट को इलेक्ट्रिकल व्हीकल फ्‍लीट में बदलने में 100% गतिशीलता और निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

इस साझेदारी में ई-मोबिलिटी के क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे ABB के ऊर्जा प्रबंधन, चार्जिंग टेक्नोलॉजी और ई-मोबिलिटी सोल्यूशंस में विस्तृत अनुभव के साथ AWS की क्लाउड टेक्नोलॉजीज के बे‍जोड़ पोर्टफोलियो और सॉफ्टवेयर विशेषज्ञता का संयोजन किया जाएगा।

इस नए प्लेटफॉर्म को 2021 की दूसरी छमाही में लॉन्च किए जाने की योजना है। यह सिंगल व्यू प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को विशिष्‍ट अनुभव प्रदान करेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के चार्जिंग पॉइंट से लेकर फ्लीट डेटा के डैशबोर्ड तक यह इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के बेड़े के मैनेजमेंट को और ज्यादा सक्षम बनाएगा, और विश्‍वसनीयता में बढ़ोतरी करेगा।

ABB ईमोबिलिटी डिविजन के प्रेसिडेंट फ्रैंक म्यूहलॉन ने कहा, "ABB और AWS समाज को बदलने के लिए ई-मोबिलिटी की क्षमता के संबंध में एक जैसे विचार रखते हैं। हमारी सामूहिक विशेषज्ञता का मकसद इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के बेड़े के मैनेजमेंट को आसान बनाना है, ताकि सभी लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को अपना सकें। यह नया सोल्यूशन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा। इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को एक इकोसिस्टम में एकीकृत किया गया है, जिससे यूज़र को बेहतरीन अनुभव मिले। हमें पूरा विश्वास है कि एक साथ काम करते हुए हम इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा दे सकेंगे और ऑपरेटरों को इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का विश्वास दिला पाएंगे।"

मौजूदा समय में दुनिया भर में ऊर्जा से संबंधित 23 फीसदी ग्रीनहाउस गैस  का उत्सर्जन ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होता है।1 ट्रैफिक के इलेक्ट्रिफिकेशन से CO2 के स्तर में उल्‍लेखनीय कमी की जा सकेगी। इलेक्ट्रिक वाहनों को अगर बड़ी संख्या में अपनाया जाएगा तो यह ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। दुनिया भर में लगभग 400,000 इलेक्ट्रिक डिलिवरी वाहन और ट्रक सड़कों पर दौड़ रहे हैं।2 हालांकि सभी इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े के प्रबंधकों को वाहनों के चार्जिंग स्टेटस, इलेक्ट्रिक वाहनों के रखरखाव की जानकारी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच बनाने के लिए एक जैसी चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

आजकल बहुत से ऑपरेटर थर्ड पार्टी चार्जिंग मैनेजमेंट के सॉफ्टवेयर का विकल्प चुनते हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के मॉडल और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की रेंज को उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार बनाने की क्षमता और विकल्प कम हो जाते हैं। इलेक्ट्रिक चार्जिंग की तकनीक जिस तेजी से विकसित हो रही है। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना महंगा हो सकता है और इसमें काफी संसाधन लगाए जा सकते हैं। इसलिए इलेक्ट्रिक फ्लीट ऑपरेटर  आसान, सुरक्षित और एडवांस्ड सॉफ्टवेयर सोल्यूशन से लैस सोल्यूशंस पर मंथन कर रहे हैं। इसके साथ ही आसानी से मैनेज किए जाने वाला हार्डवेयर भी बनाने की योजना है, जिससे प्लग लगाते ही गाड़ी तुरंत चार्ज हो सके।

इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े में तेजी लाने के लिए ABB ने बर्लिन में प्योरप्ले वेंचर बनाया है, जो फ्लीट ऑपरेटर्स की सभी जरूरतों को पूरा करने वाले, आसान पहुंच वाले और किफायती सोल्यूशंस विकसित करेगा, जिसे सभी वाहनों के निर्माताओं में प्रयोग किया जा सकेगा। AWS के साथ काम करते हुए यह नया वेंचर आपसी समन्वय से संचालित फ्लीट मैनेजमेंट सोल्यूशन डिजाइन डिवेलप करेगा, जो सभी इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों पर खरा उतरे। मशीन लर्निंग और एनालिटिक्स का इस्तेमाल करते हुए इसमें चार्ज प्लानिंग और वाहनों की निगरानी के फीचर्स भी शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही वाहनों की सेहत, सर्विसिंग और दिन, मौसम और इस्तेमाल के पैटर्न के आधार पर अनुकूल रूट बताने के फीचर्स भी रहेंगे।

AWS ऑटोमोटिव में प्रोफेशनल सर्विसेज के डायरेक्टर जॉन ऐलन ने कहा, "आज जब इंडस्ट्रीज इलेक्ट्रिक वाहनों के इलेक्ट्रिफिकेशन को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, उपभोक्ताओं को नया मॉडल अपनाने के लिए विश्वसनीय और नई सर्विसेज की जरूरत होगी। AWS और ABB के बीच यह सहयोग क्‍लाउड में नेतृत्‍व के साथ ऑटोमोटिव, लॉजिस्टिक्स और इलेक्ट्रिफिकेशन के क्षेत्रों में हमारी कंपनियों की गहन विशेषज्ञता का संयोजन करेगा। ताकि हार्डवेयर-एग्‍नॉस्टिक, इंटेली‍जेंट इलेक्ट्रिक फ्‍लीट मैनेजमेंट समाधान को प्रदान किया जा सके।" उन्‍होंने कहा, "ABBऔर एडब्‍लूएस साथ मिलकर क्‍लाउड द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को मुहैया कराई जाने वाली जानकारियां, दक्षता और पैमाना लेकर आएंगे। साथ ही ग्राहकोंको कम उत्‍सर्जन वाले भविष्‍य में सफलतापूर्वक कदम रखने में मदद करेगा।"

ABB (ABBN: SIX Swiss Ex) एक प्रमुख ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो समाज और इंडस्ट्री में बदलाव के लिए ऊर्जा भरती है, जिससे भविष्य ज्यादा से ज्यादा उत्पादक और स्थिर हो सके। इलेक्ट्रिफिकेशन, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और मोशन पोर्टफोलियो से सॉफ्टवेयर को जोड़कर  ABB ने टेक्नोलॉजी का दायरा और बढ़ा दिया है, जिससे वह नए-नए स्तरों पर शानदार परफार्मेंस दे सके। 130 से ज्यादा वर्षों के उत्कृष्ट इतिहास, के साथ ABB कंपनी में दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में 105,000 और प्रतिभाशाली कर्मचारी काम करते हैं, जो कंपनी के विकास को नया आयाम दे रहे हैं । www.abb.com

1Making electric transport the new normal by 2030 | The Climate Group

2Electric Vehicle Outlook 2020, BloombergNEF

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।