comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

चैंपियंस ट्रॉफी 2018 : सिल्वर मेडल जीतकर लौटी हॉकी टीम का गर्मजोशी से स्वागत

August 30th, 2018 17:40 IST

हाईलाइट

  • चैंपियंस ट्रॉफी 2018 के उपविजेता भारतीय हॉकी टीम नीदरलैंड्स से स्वदेश पहुंच चुकी है।
  • इस चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम के नाम रजत पदक रहा।
  • यह दूसरी बार है जब हॉकी टीम ने रजत पदक हासिल किया है।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु । चैंपियंस ट्रॉफी 2018 के उपविजेता भारतीय हॉकी टीम नीदरलैंड्स से स्वदेश पहुंच चुकी है। मंगलवार को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भारतीय हॉकी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम के नाम रजत पदक रहा। यह दूसरी बार है जब हॉकी टीम ने रजत पदक हासिल किया है।

कप्तान पीआर श्रीजेश ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि हम लोग काफी निराश है, हमने कड़ी मेहनत की लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ स्वर्ण पदक हासिल करने से कमयाब नहीं हो सके। पिछले बार की तरह इस बार भी हमें सिल्वर मेडल मिला है। हमें लोगों को जो सपोर्ट मिल रहा है। ये हमारा उत्साह और बढ़ाता है। हम आगामी एशियाई खेलों और विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रहे हैं।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 8 बार की चैंपियन और मेजबान नीदरलैंड्स को शनिवार को 1-1 से ड्रॉ पर रोक कर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश किया था। जिसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी के चौथे क्वार्टर में भारत का सामनाऑस्ट्रेलिया से हुआ। इस मैच में खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों टीमें 1-1 से बराबरी पर रहीं। जिसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। शूटआउट में भारत के लिए सिर्फ मनप्रीत सिंह ही गोल कर सके। 

शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर टायलर लोवेल तीन बचाव कर मैच के हीरो बने। उन्होंने सरदार सिंह, हरमनप्रीत सिंह और ललित उपाध्याय को गोल नहीं करने दिया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 3-1 से हराया। ऑस्ट्रेलिया का यह15वां चैंपियंस ट्रॉफी खिताब है। ऑस्‍ट्रेलिया के आरन जेलेवस्‍की और डेनियल बेल ने पेनल्टी में 2-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने मैथ्यू स्वान और टाम क्रैग के प्रयास को विफल कर दिया, लेकिन ग्रैम एडवार्डस ने गोल कर ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से जीत दिला दी। हालांकि भारत का हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीतने का सपना पूरा नहीं हो सका। 

कमेंट करें
M45Ks
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।