MP News: नगरीय निकायों में महंगे दाम पर खरीदी करने वाले 7 अधिकारी बर्खास्त, 135 सीएमओ सहित 392 के खिलाफ कार्रवाई

नगरीय निकायों में महंगे दाम पर खरीदी करने वाले 7 अधिकारी बर्खास्त, 135 सीएमओ सहित 392 के खिलाफ कार्रवाई
मप्र के नगरीय निकायों द्वारा पीछले 3 साल में 1200 वेंडरों-सप्लायरों से 1134 करोड़ की खरीदी पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 135 चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर (सीएमओ) सहित 392 अिधकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र के नगरीय निकायों द्वारा पीछले 3 साल में 1200 वेंडरों-सप्लायरों से 1134 करोड़ की खरीदी पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 135 चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर (सीएमओ) सहित 392 अिधकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। इनमें 7 अिधकारियों को बर्खास्त भी कर दिया गया है। इन अधिकारियों-कर्मचारियों से अब तक 3-4 करोड़ रुपये की वसूली भी की जा चुकी है। गलत दरों पर सामान देने वाले 80 से ज्यादा ठेकेदारों-सप्लायर्स पर भी कार्रवाई की गई है। ये वे ठेकेदार है, जिन्होंने गलत तरीके और गलत दरों पर निकायों को सामग्री सप्लाय की है। रविवार को विभागीय अपर मुख्य सचिव संयज दुबे ने मीडिया से कहा कि जब हम ट्रैनिंग दे रहे थे तब 146 अिधकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई कर दी थी। 7 को बर्खास्त भी कर दिया, जबकि बर्खास्तगी की प्रक्रिया लंबी होती है। उन्होंने कहा कि खरीदी में की गई गड़बड़ी पर कार्रवाई की लगातार चल रही है आगे भी चलेगी।

दुबे ने बताया कि अलग-अलग स्तर के 392 अिधकारी-कर्मचारी है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। कुछ से वसूली, कुछ की वेतन वृद्धि रोकने, किसी को डिमोट करने और किसी पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। जिसकी जितनी बड़ी अिनयमितता और लापरवाही सामने आई उस पर उतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। दुबे ने कहा कि राज्य शासन का क्लियर निर्देश है कि यह सुनिश्ति किया जाए कि किसी भी तरह से कोई भी अिनयमितता नहीं हो। यह तकनीक के कारण पकड़ में आया है। शासन के निर्देश है कि यथा संभव नागरिकों का पैसों का दुरुपयोग न हो, इस पर फोकस किया जाना है। जिस प्रयोजन के लिए यह पैसा दिया जा रहा है, उसका उपयोग उसी में किया जाना चाहिए।

ई-नगर पालिका सॉफ्टवेयर ने पकड़ी गड़बड़ी

खरीदी और भुगतान में गड़बड़ियां पकड़ने के लिए ई-नगरपालिका सॉफ्टवेयर, जेम पोर्टल के आंकड़ों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग किया गया। इस तकनीकी से जेम पोर्टल से बीते 3 साल में जबलपुर नगर निगम ने सबसे ज्यादा 66 करोड़ की खरीदी की। संभागवार देखें तो जबलपुर संभाग ने 202 करोड़ की खरीदी महंगे दाम पर की है। खरीदी गई सामग्री के दामों में भी भारी अंतर पकड़ में आया है।

शहरी सुधार कार्यशाला में चेताया था

दरअसल 16-17 अप्रैल 2026 को भोपाल में हुए "शहरी सुधार कार्यशाला" में एसीएस संजय दुबे ने प्रदेश के 374 नगरीय निकायों द्वारा की गई खरीदी पर सवाल उठाया था। पिछले साल विभागीय अपर मुख्य सचिव संजय गोयल का वीडियो वायरल हुआ था। विभागीय मंत्री प्रतिम बागरी ने भी कार्रवाई की बात कही थी। निकायों द्वारा की गई खरीदी में लगभग 250 करोड़ रुपए अधिक खर्च कर भ्रष्टाचार किया गया।

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