मध्य प्रदेश न्यूज: भ्रष्टाचार के पोस्टर से इंदौर में मचा बवाल, कैलाश विजयवर्गीय ने पुलिस से कहा- पकड़कर गाड़ी में बैठाओ

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में बीजेपी ने शुक्रवार को इंदौर में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' मार्च का आयोजन किया। इसमें सामाजिक कार्यकर्ता प्रह्लाद पांडेय भ्रष्टाचार विरोधी पोस्टर लेकर पहुंचे। इस पोस्टर को देखकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नाराज हो गए। जिस मामले को लेकर पांडेय विरोध का पोस्टर लेकर पहुंचे थे, वह उनके ही विभाग में हुई गड़बड़ी से जुड़ा था।
पोस्टर में क्या लिखा था?
प्रह्लाद पांडेय के हाथ में जो पोस्टर था, उस पर कथित तौर पर लिखा था कि "30,000 रुपये का बल्ब और 33,000 लीटर फिनाइल"। इस मामले पर मंत्री नाराज हो गए और पुलिस से कहा कि उन्हें पकड़कर गाड़ी में बैठाओ। इस पर पांडेय ने पूछा कि उनका कसूर क्या है?
इससे पहले भी सामाजिक कार्यकर्ता पांडेय विजयवर्गीय के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। यहां से भी उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। हालांकि, बाद में मंत्री ने एक पत्र लिखकर उनकी रिहाई का अनुरोध किया था।
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क्या है बल्ब और फिनाइल मामला?
एमपी में नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों की एक बैठक का वीडियो हाल ही में वायरल हुआ था। इसमें विभाग के एसीएस संजय दुबे सामान की खरीदी में भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने उस दौरान एक प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि कैसे सामानों की खरीदी औने-पौने दामों पर की गई।
बैठक में एलईडी बल्ब की खरीदी 11 हजार रुपये में, जबकि एक निकाय में 33,000 रुपये लीटर की दर से फिनाइल की खरीदी किए जाने का जिक्र किया गया। इसके अलावा कचरा गाड़ी समेत अन्य मामलों में भी भ्रष्टाचार की बात सामने आई थी। यह वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अब तक 7 अधिकारियों को बर्खास्त किया है। साथ ही लगभग 3-4 करोड़ रुपये की वसूली और 80 से ज्यादा ठेकेदारों व सप्लायर्स पर कार्रवाई हो चुकी है।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में लगभग 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।
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